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यूपी में हादसे में छह की मौत: बजता रहा मोबाइल, दो घंटे बाद मिली मौत की खबर; सड़क पर बिखरी तबाही की निशानी

Tue, 03 Nov 2026 03:31 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर

सार

कुशीनगर तिलक हाटा में समारोह से लौट रही वैन रविवार देर रात एक ट्रेलर से भिड़ गई। हादसे में पिता और दो पुत्रों समेत वैन में सवार छह लोगों की मौत हो गई जबकि दो किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा हाटा-पिपराइच मार्ग पर थरुआडीह मुहल्ले के पास हुआ।
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kushinagar accident - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कुशीनगर जिले में समारोह से लौट रही वैन रविवार देर रात एक ट्रेलर से भिड़ गई। हादसे में पिता और दो पुत्रों समेत वैन में सवार छह लोगों की मौत हो गई जबकि दो किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा हाटा-पिपराइच मार्ग पर थरुआडीह मुहल्ले के पास हुआ।
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हादसे के बाद रात के सन्नाटे में मोबाइल की लगातार बजती घंटियां... हर बार उम्मीद थी कि फोन उठेगा और दूसरी ओर से आवाज आएगी कि बस घर पहुंचने वाले हैं। लेकिन घंटियां बजती रहीं और कोई जवाब नहीं मिला। दो घंटे बाद मिली खबर ने छह परिवारों की खुशियां छीन लीं। हंसी-खुशी विदा हुए अपने अब कभी लौटकर आने वाले नहीं थे।

रविवार को तिलक समारोह से लौट रही वैन हाटा-पिपराइच मार्ग पर थरुआडीह मुहल्ले के पास हादसे का शिकार हो गई। हादसे में एक ही परिवार के तीन सहित छह लोगों की मौत हो गई जबकि दो बच्चों की हलात गंभीर है।
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रविवार को रामविलास के बेटे रवि की साली का तिलक समारोह था। तिलक की रस्म पूरी हुई। हंसी-मजाक के बीच सभी ने साथ बैठकर भोजन किया। रात करीब 10:30 बजे आठ लोग कार में सवार होकर कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भलुही गांव के लिए रवाना हुए। सभी को घर पहुंचने की जल्दी थी। रवि प्रताप गौतम ने अपने पिता, भाई और मित्रों को उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की थी।

 

उधर, घरों में परिजन अपनों के लौटने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत गया लेकिन कार सवार नहीं पहुंचे। पहले लगा कि रास्ते में कहीं रुक गए होंगे। देर होने पर परिजन ने फोन करना शुरू कर दिया। बड़े भाई रवि प्रताप गौतम के मोबाइल पर भी लगातार कॉल आ रही थीं। परिजन का एक ही सवाल था कि गाड़ी से निकले काफी देर हो गई अभी तक घर क्यों नहीं पहुंचे? 

 

रवि प्रताप ने भी पिता और भाई के मोबाइल पर कई बार फोन किया। हर बार घंटी बजती रही लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। हर गुजरते मिनट के साथ परिजन की बेचैनी बढ़ती जा रही थी। उन्हें क्या पता था कि जिन अपनों की आवाज सुनने के लिए वे फोन मिला रहे हैं, वे अब कभी जवाब नहीं दे पाएंगे।
 

इसी बीच अचानक एक फोन उठा। दूसरी ओर से मिली सूचना ने परिवार के पैरों तले जमीन खिसका दी। बताया गया कि हाटा-गोरखपुर मार्ग पर विश्वकर्मा मंदिर के पास भीषण सड़क हादसा हो गया है। छह लोगों की मौत हो चुकी है और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं। यह सुनते ही परिवारों में कोहराम मच गया।

 

उस समय रवि प्रताप और अन्य परिजन हाटा से करीब 23 किलोमीटर दूर कप्तानगंज पहुंच चुके थे। हादसे की खबर मिलते ही उन्होंने गाड़ी वापस मोड़ दी। कुछ देर पहले जिस रास्ते पर अपनों के घर पहुंचने का इंतजार था, उसी रास्ते पर हुए हादसे की मनहूस खबर ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया। 

 

घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों के सामने वह मंजर था, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। जिनके साथ कुछ घंटे पहले बैठकर भोजन किया था, जिनसे हंसी-मजाक के बीच विदाई ली थी, वे सड़क हादसे में दम तोड़ चुके थे। तिलक समारोह की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।

सड़क पर बिखरी तबाही की निशानी, मंजर देख कांप उठे राहगीर
हाटा कोतवाली क्षेत्र के थरुआडीह के पास रविवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे का मंजर बेहद भयावह था। सड़क पर कहीं कार के टूटे पुर्जे पड़े थे तो कहीं क्षतिग्रस्त वाहन का मलबा बिखरा था।

आसपास के पेड़ भी टक्कर की चपेट में आकर टूट गए थे। घटनास्थल से गुजरने वाले राहगीर हादसे की भयावहता देखकर ठिठक जा रहे थे। क्षतिग्रस्त कार की हालत ऐसी हो गई थी, मानो किसी कबाड़ी ने लोहे के पूरे ढांचे को मशीन से काटकर टुकड़ों में बदल दिया हो। कार का रंग जगह-जगह उखड़ गया था। लोहे के हिस्से मुड़कर बुरी तरह पिचक गए थे। आसपास टूटे पेड़ और सड़क पर बिखरे वाहन के अवशेष टक्करकी तीव्रता बयां कर रहे थे। घटनास्थल से गुजरने वाले राहगीर कुछ देर के लिए रुक जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों को अपनी आंखों से देखे मंजर पर विश्वास नहीं हो रहा था।

स्थानीय लोगों और पुलिस को कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे का सबसे दुखद पहलू यह था कि कार सवार लोग रिश्तेदारी में तिलक समारोह में शामिल होकर घर लौट रहे थे। कुछ घंटे पहले जिस घर में मांगलिक कार्यक्रम की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा है।

 

हादसे में छह लोगों की मौत की सूचना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। घटनास्थल पर बिखरी तबाही की निशानियां देर तक लोगों को विचलित करती रहीं।

 

एक साथ गांव पहुंचे छह शव, गूंज उठीं अपनों की चीखें
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भलुही गांव में रविवार रात तक जिस तिलक समारोह से लौटने वाले अपनों का इंतजार हो रहा था, सोमवार को वहां एक साथ छह अर्थियां पहुंचीं तो पूरा गांव दहल उठा। गांव के आठ लोग रविवार को महराजगंज जिले के बभनौली गांव से हाटा कोतवाली क्षेत्र के देवराज पिपरा में आयोजित तिलक समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब 11 बजे सभी इको वैन से घर लौट रहे थे। 

 

इसी दौरान हाटा-पिपराइच मार्ग पर थरुआडीह गांव के पास पेट्रोल पंप के नजदीक उनकी वैन सामने से आ रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए। हादसे में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कन्हैया प्रसाद (45), मृदुल मिश्रा (35), सीआरपीएफ जवान रंजय गुप्ता (35), रामविलास (65), राममिलन (35) और वैन चालक मिथिलेश गुप्ता (22) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, घायल आर्यन (15) और आयुष (13) का गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। इस हादसे ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों कन्हैया प्रसाद, रामविलास और राममिलन को छीन लिया। इससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
 

शव पहुंचते ही परिजन की चीख-पुकार से दहला गांव
सोमवार को गांव और आसपास के लोग सड़क पर नजरें टिकाए शवों के आने का इंतजार करते रहे। काफी देर बाद सबसे पहले मृदुल मिश्रा का शव गांव पहुंचा। इसके बाद रंजय गुप्ता और मिथिलेश गुप्ता के शव आए। शाम करीब सात बजे कन्हैया प्रसाद, राममिलन और रामविलास के शव गांव पहुंचे। एक साथ अपनों के शव देखकर परिजनों की चीख-पुकार मच गई। घरों के बाहर जुटे ग्रामीण भी गमगीन हो उठे। 

 

पूरे गांव में मातम पसरा रहा। हर कोई पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने में जुटा रहा। हादसे के बाद सांसद विजय कुमार दूबे, विधायक विनय प्रकाश गोंड और हाटा विधायक मोहन वर्मा समेत विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी। सपा पदाधिकारी निठुरी राजभर और भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष अयोध्या भाई भी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। चार मृतकों का अंतिम संस्कार सोमवार को कर दिया गया, जबकि सीआरपीएफ जवान रंजय गुप्ता और वैन चालक मिथिलेश गुप्ता का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा।
 

छुट्टी पर आए थे सीआरपीएफ जवान रंजय
कप्तानगंज के भलुही गांव निवासी रंजय गुप्ता (35) छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ में जवान थे। दशहरा पर छुट्टी लेकर घर आए थे। सोमवार को उन्हें वापस ड्यूटी पर लौटना था। परिवार को उम्मीद थी कि ड्यूटी पूरी कर वह फिर घर लौटेंगे लेकिन हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली। रंजय अपने पीछे पत्नी आरती देवी, मां सरमावती देवी और दो बच्चों सोना (11) व लड्डू (7) को छोड़ गए हैं। पति और बेटे को खोने के सदमे में पत्नी और मां बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। दोनों मासूम बच्चों को भी अभी इस बात का एहसास नहीं है कि उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। 
 

कुशीनगर में ट्रेलर से भिड़ी वैन, पिता और दो बेटों समेत छह लोगों की मौत
कुशीनगर तिलक हाटा में समारोह से लौट रही वैन रविवार देर रात एक ट्रेलर से भिड़ गई। हादसे में पिता और दो पुत्रों समेत वैन में सवार छह लोगों की मौत हो गई जबकि दो किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा हाटा-पिपराइच मार्ग पर थरुआडीह मुहल्ले के पास हुआ।

 

कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भलुही गांव निवासी रामविलास भारती (65) के तीन बेटे थे। कन्हैया (40), राममिलन (35) और रवि प्रताप। कन्हैया की पत्नी कमलावती प्रधान/प्रशासक हैं। राममिलन कोटेदार था जबकि रवि एसएसबी जवान है। रविवार को रवि की साली का तिलक समारोह था। उसमें शामिल होने के लिए रामविलास, कन्हैया, राममिलन व उसके दोनों बेटे आयुष (12) और आर्यन (17) वैन से हाटा कोतवाली के देवड़ार पिपरा गांव गए थे।

 

उनके साथ गांव के ही मृदुल मिश्रा (38), रंजय गुप्ता (37) व मिथिलेश गुप्ता (21) भी थे। रंजय सीआरपीएफ में जवान थे और छत्तीसगढ़ में उनकी पोस्टिंग थी। वह दशहरा में छुट्टी पर गांव आए थे।

 

रविवार देर रात तिलक समारोह से सभी वैन से घर लौट रहे थे। वैन मिथिलेश चला रहे थे। रात करीब 12:30 बजे थरुआडीह के पास उनकी वैन सामने से आ रहे ट्रेलर से टकरा गई। हादसे के बाद वैन में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। 
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मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद वैन में फंसे लोगों को निकाला और हाटा पहुंचाया। वहां रामविलास, कन्हैया, राममिलन, मृदुल, रंजय और मिथिलेश को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल आयुष और आर्यन को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां उनका इलाज चल रहा है।
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