फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हादसा : कुशीनगर में टॉफी खाने के बाद एक ही परिवार के चार मासूमों की मौत, रंजिश में हत्या की आशंका

Thu, 24 Mar 2022 01:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर

सार

पुलिस ने देर रात पिता रसगुल की शिकायत पर प्रेम, चाबस और बाला पर हत्या, हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपित रसगुल के पड़ोसी हैं और पुरानी रंजिश में टॉफी में जहर मिलाकर घर के सामने रखा था। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने मासूमों की मौत पर दुख जताया है।
विज्ञापन
विलाप करते परिजन... - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कुड़वा उर्फ दिलीपनगर गांव के सिसई लठउर टोला में बुधवार सुबह घर के बाहर मिली टॉफी खाने से एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने देर रात पिता रसगुल की शिकायत पर प्रेम, चाबस और बाला पर हत्या, हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपित रसगुल के पड़ोसी हैं और पुरानी रंजिश में टॉफी में जहर मिलाकर घर के सामने रखा था। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने मासूमों की मौत पर दुख जताया है।

विज्ञापन


पुलिस के अनुसार, सिसई लठउर टोला निवासी रसगुल के दरवाजे पर बुधवार सुबह करीब सात बजे एक गठरी में टॉफी के साथ एक-एक रुपये के नौ सिक्के मिले। रसगुल ने टॉफी को घर में रख दिया। बाद में उनकी पत्नी सुगिया ने टॉफी खाने के लिए बच्चों को दे दी।

टॉफी खाने के कुछ देर बाद रसगुल के तीनों बच्चे मंजना (सात), स्वीटी (पांच), समर (तीन) और उनकी बहन खुशबू का बेटा आयुष (पांच) बेहोश हो गए। परिजन निजी वाहन से बच्चों को लेकर कसया सीएचसी पहुंचे। डॉक्टर ने बच्चों की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में चारों मासूमों की मौत हो गई।
विज्ञापन


घटना की जानकारी होते ही प्रशासन में हड़कंप मच रहा। अधिकारियों ने डॉग स्क्वॉड की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाया। वरिष्ठ अधिकारी सिसई लठउर टोला पहुंचे और घटना की जानकारी ली। बच्चों के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पहले अज्ञात में, फिर देर रात रसगुल के पड़ोसी प्रेम, चाबस और बाला पर 302, 328, 506 और 120 बी में केस दर्ज किया है।

आरोपित फरार हैं। पुलिस कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लकर पूछताछ कर रही है। मजदूरी करके रसगुल परिवार का पालन पोषण करते हैं। कुछ लोग इन्हें नट तो कुछ मुसहर बताते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें