गोरखपुर के एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई का तबादला अब संभल एसपी के तौर पर हुआ है। 2018 बैच के आईपीएस बिश्नोई को पहली बार किसी जिले की कमान मिली है। शहर में एसपी सिटी के तौर पर 26 माह के कार्यकाल को याद किया जाएगा। जिले के अपराधियों से लेकर जमीन के धंधेबाजों पर कृष्ण कुमार बिश्नोई ने सख्त कार्रवाई की।
नतीजा रहा कि शहर में बतौर एसपी सिटी होने के बावजूद जिले के सभी ट़ॉप 10 अपराधियों को जिला छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। एसपी सिटी कार्यकाल के दौरान बिश्नोई ने माफियाओं की लगभग 803 करोड़ से अधिक की संपत्ति जप्त की।
कृष्ण कुमार बिश्नोई का कार्यकाल बेहद सफलता भरा रहा। शहर के सामान्य, व्यापारी, चिकित्सक और अन्य सामाजिक लोगों के साथ उनका व्यवहार काफी सरल रहा।
अपने कार्यकाल में उन्होंने ऐसे किसी भी लोग को अपने पास आने के लिए किसी पैरवी से मना कर दिया था। उनका मानना था कि अगर पीड़ित खुद सामने आकर अपनी परेशानी बताएगा तो उसके समाधान के लिए पुलिस बेहतर प्रयास कर सकेगी।
पुलिस महानिदेशक का प्रशस्ति पत्र एडीजी जोन ने एसपी सिटी रहे केके बिश्नोई को देकर सम्मानति किया था
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दो साल चार माह 18 दिन के कार्यकाल में उन्होंने जिले के अजीत शाही और विनोद उपाध्याय, सुधीर सिंह समेत कई बड़े माफिया पर कार्रवाई की।
इनके घर ढहाने से लेकर इनपर गैंगेस्टर, हिस्ट्रीशीट खोलने के कार्रवाई को खुद से लीड किया था। बिश्नोई, जिनकी कड़क छवि और अपराध पर नकेल कसने की नीतियों ने गोरखपुर में उन्हें जनता और अधिकारियों के बीच एक खासी पहचान दिलाई थी, अब संभल में अपनी कड़ी प्रशासनिक कुशलता दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कृष्ण कुमार बिश्नोई का शुरू से लेकर अभी तक का कार्यकाल ऐसे ही चर्चाओं भरा रहा है।
26 जनवरी को मिला था गोल्ड मेडल
पुलिस महानिदेशक ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था। गोरखपुर में बिश्नोई के कार्यकाल के दौरान किए गए अपराध मुक्त और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए इस सम्मान से सम्मानित किया गया था। अब जिले की कमान देकर उन्हें नई जिम्मेदारी दी गई है।