ट्रेन से सफर करने के लिए लोगों को टिकट लेने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता था। तीन अगस्त 2002 को पहली बार भारतीय रेलवे ने घर बैठे इंटरनेट के जरिए टिकट बुक कराने की सुविधा शुरू की थी।
पहले तो लोग इस सुविधा से डरते थे। ट्रेवल एजेंट ही ऑनलाइन टिकट बनाते थे लेकिन जब लोगों को इसकी आदत पड़ी तो फिर क्या कहना। मोबाइल पर ही टिकट बना ले रहे हैं। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक 70 फीसदी टिकट आज ऑनलाइन ही बन रहे हैं।
एक यूजर आईडी से एक महीने में 12 टिकट की बुकिंग
रेल टिकटों में एजेंटों की सेंधमारी रोकने के लिए अब टिकट की बुकिंग की संख्या भी तय कर दी गई है। आईआरसीटीसी अब एक यूजर आईडी से एक महीने में 12 टिकट बुकिंग करने की सुविधा दे रही है।
वे यूजर जिनका आधार कार्ड नंबर आईआरसीटीसी की वेबसाइट से लिंक है, वे अब एक महीने में 12 रेल टिकट बुक कर सकते हैं। नए नियम के मुताबिक, यात्री ट्रेन प्रस्थान वाले दिन से 120 दिन पहले अपने लिए टिकट बुक कर सकते हैं।