बुधवार को जीडीए उपाध्यक्ष के कक्ष में सभी टीमों की बैठक दोपहर 12 बजे से दोपहर दो बजे तक चली। इस दौरान बारी-बारी से अधिकारियों ने पूरी रिपोर्ट पेश की। सर्वे के आधार पर स्थानीय लोगों की टीमों ने संतुष्ट होने की बात कहते हुए आगे की कार्रवाई के लिए सहमति जताई। जीडीए अधिकारियों के अनुसार अब आबादी को इकट्ठा किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार चहारदीवारी बनाकर भवनों को अलग किया जाएगा।
इस दौरान कुछ लोगों ने जीडीए अधिकारियों से पूछा कि कहीं आगे चलकर उनके मकानों को ध्वस्त तो नहीं किया जाएगा। इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि किसी का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। सर्वे के दौरान करीब 15 मकान ऐसे पाए गए हैं, जिनको अधिग्रहित क्षेत्र से हटाया जाएगा।
इसे भी पढ़ें: गीडा में युवती से सामूहिक दुष्कर्म, एक आरोपी पुलिस की गोली से घायल
इसके लिए उनको उचित मुआवजा जीडीए की ओर से दिया जाएगा। स्थानीय टीम के सदस्यों ने रिपोर्ट पढ़कर पूरी तरह से समझने के लिए एक दिन का समय भी मांगा। इस दौरान भी यह तय हुआ कि दूर-दूर बने हुए जो मकान अधिग्रहित क्षेत्र में आ रहे हैं, स्थानीय लोगों की मदद से उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि सर्वे रिपोर्ट पर स्थानीय टीम के सदस्यों ने सहमति जताई है। लोग सर्वे से खुश हैं। किसी का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। जो इक्का-दुक्का मकान योजना की जद में आ रहे हैं। उनको हटाने के लिए पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा।