खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के अधिग्रहित क्षेत्र के लोग अब शुक्रवार को कमिश्नर से मुलाकात करेंगे। खोराबार जमीन मकान बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय नारायण मिश्रा ने बताया कि कमिश्नर को पत्र देने के बाद डीएम से मिलकर राज्यपाल को संबोधित पत्रक सौंपा जाएगा।
जीडीए की ओर से यदि सीएम के निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से विधिक राय ली जाएगी। लोगों का कहना है कि सीएम से मिलने के बाद ऐसा लगा था कि हम लोगों की समस्या दूर हो जाएगी। लेकिन इस मामले में प्रभावितों की मदद करने के बजाय जीडीए अधिकारी केस दर्ज कराने की चेतावनी दे रहे हैं।
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जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड से प्रभावित किसानों ने बृहस्पतिवार को पिपराइच के भाजपा विधायक महेंद्रपाल सिंह से मुलाकात की। लोगों ने विधायक से कहा कि मुआवजा का प्रकरण सुलझाए बिना ही प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी सर्वे करा रहे हैं। इससे लोगों में काफी आक्रोश है। पहले उचित मुआवजे का भुगतान किया जाए, तब निर्माण से संबंधित कोई प्रक्रिया शुरू की जाए। विधायक ने कहा कि वह इस प्रकरण को कमिश्नर से मिलकर उठाएंगे।
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जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड के लिए 26 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। लेकिन प्रशासन की ओर से मिल रहे मुआवजे से स्थानीय लोग अंसतुष्ट हैं। उचित मुआवजा की मांग को लेकर विधायक की अगुवाई में किसानों का प्रतिनिधिमंडल सीएम योगी से मिल चुका है।
उधर एनएचएआई और एसएलओ के कर्मचारी गांवों में पहुंचकर सर्वे शुरू कर रहे हैं। बुधवार को इटहिया और कोनी में सर्वे करने पहुंची टीम और ग्रामीणों के बीच कहासुनी हुई। तब किसानों का तेवर देखकर टीम लौट गई थी। इस दौरान नरसिंह सिंह, दुर्गविजय सिंह, बृजेश सिंह,अमरनाथ गुप्ता, गणेश सिंह, हंसराज चौरासिया, गुड्डू बाबा आदि मौजूद रहे।