खिचड़ी मेले के लिए झूला लगकर तैयार।
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मकरसंक्रांति के अवसर पर लगने वाले खिचड़ी मेले की तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। मंदिर में बने स्थायी शौचालय से लेकर अ स्थायी की व्यवस्था की जा चुकी है। इस साल कुछ नए टावर सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। पानी के इंतजाम के पांच स्थानों पर स्थायी स्टैड लगाए गए हैं हर स्टैउ पर आठ से दस टोटी लगी है। इसके अलावा दर्जनों अस्थायी स्टैड लगाए गए हैं। बेरिकेडिंग की व्यवस्था दो दिन में पूरी कर ली लाएगी।
मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने मेला परिसर का भ्रमण करने के बाद बताया कि खिचड़ी मेले की सभी व्यवस्था या तो पूरी हो गई है या दो दिन में पूरी कर ली जाएगी। मंदिर के पास जहां वाहन स्टैड था उसे हटा दिया गया है। वहां पर अब दुकाने लगी हैं। जितनी भी दुकानें आवंटित की गई है उन्हें क्रमवार लगाया जा रहा है। इस बात का विशेष ध्यान दिया रहा है कि आने जाने में किसी श्रद्धालु को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। हिंदू सेवाश्रम के पीछे
मैदान को समतल कर काफी जगह बना दिया गया है वहां पर वाहन खड़ा होंगे। मेला परिसर में बारिश की वजह से कहीं जमीन गिली हो गई थी। अधिक बारिश की संभावना को देखते हुए दस बारह ट्रक राबिश गिरा दिया गया है। परिसर में चारो तरफ लाइट की व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रबंधन की तरफ से बिजली विभाग की तरफ से अलग से कनेक्शन लेकर सभी दुकानदारों को बिजली की सप्लाई दी गई है।
मेला परिसर में लगने वाले मनोरंजन के जितने भी संसाधन है सबकी जांच वह ख्ुाद करवाए हैं। मनोरंजन के सामान झूला , चर्खी, मौत का कुआ जो भी लगा है लगाने वालों के तकनीशियन भले ही जांच किए हो मंदिर की तरफ से सरकारी विभागों के इंजीनियरों को बुलाकर जांच कराया गया है। संतुष्टि के बाद ही उसे चालू करने की इजाजत रहेगी। मेले में अलाव की भी व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में की जाएगी। इसकी तैयारी पूरी हो गई है।