गोरखपुर जिले के भटहट, कैंपियरगंज और सहजनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को कायाकल्प अवार्ड प्राप्त हुआ है। कोविड काल में 80.2 फीसदी अंकों के साथ जिले में प्रथम स्थान पाने वाले भटहट सीएचसी को इससे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) श्रेणी में भी यह पुरस्कार मिल चुका है।
सहजनवां सीएचसी ने प्रथम प्रयास में ही यह पुरस्कार जीता है। इधर, कैंपियरगंज सीएचसी को लगातार तीसरी बार कायाकल्प अवार्ड मिला है। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने पुरस्कार पाने वाली सभी स्वास्थ्य इकाइयों को बधाई दी है। इन सभी को पुरस्कार के तौर पर एक-एक लाख रुपये मिलेंगे।
कायाकल्प अवार्ड योजना के नोडल अधिकारी डॉ नंद कुमार ने बताया कि कोविड काल में प्रदेश की 820 सीएचसी में से 215 सीएचसी को कायाकल्प अवार्ड के लिए चुना गया है। इनमें जिले की तीन सीएचसी भी शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए घोषित इन पुरस्कारों से संबंधित वर्चुअल मूल्यांकन कोविड काल में ही हुआ था।
मूल्यांकन के आधार पर भटहट सीएचसी को 80.2, कैंपियरगंज को 78.9 और सहजनवां को 77.2 फीसदी अंक हासिल हुए हैं। इन सभी को बतौर पुरस्कार एक-एक लाख रुपये मिलेंगे। उनमें से 75 फीसदी स्वास्थ्य इकाई में गुणात्मक सुधार के लिए जबकि 25 फीसदी कर्मचारी कल्याण के लिए खर्च किए जाने का प्रावधान है।
सीएमओ ने भटहट सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अश्विनी चौरसिया, कैंपियरगंज के अधीक्षक डॉ. भगवान प्रसाद, सहजनवां के अधीक्षक डॉ. सतीश सिंह, नोडल अधिकारी कायाकल्प डॉ. नंद कुमार, जिला क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट डॉ. मुस्तफा खान, सहयोगी विजय समेत कायाकल्प के सहयोगी सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है।
इन मानकों पर होता हैं मूल्यांकन
अस्पताल का रख-रखाव, स्वच्छता व साफ-सफाई, बॉयोमेडिकल बेस्ट मैनेजमेंट, इंफेक्शन कंट्रोल प्रैक्टिसेज, हाईजीन प्रमोशन, सपोर्ट सर्विसेज, बियांड बाउंड्री।