कवच की कई खासियत भी है। इस तकनीक से ट्रेन चलाते समय लोको पॉयलट के सभी क्रियाकलापों मसलन ब्रेक, हार्न, थ्रोटल हैंडल आदि की निगरानी होती रहेगी। अगर लोको पायलट (ड्राइवर) से चूक होती है तो पहले ऑडियो-वीडियो के माध्यम से अलर्ट आएगा। यदि इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है तो चलती ट्रेन में ऑटोमेटिक ब्रेक लग जाएगा। इसके अलावा ट्रेन को निर्धारित से अधिक गति पर चलने नहीं देगा। कवच प्रणाली जीपीएस, रेडियो फ्रीक्वेंसी आदि तकनीक से संचालित होगा।
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पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे आधुनिकीकरण की ओर अग्रसर है तथा संरक्षा को प्रमुख प्राथमिकता पर रखते कार्य किया जा रहा है। गोरखपुर-लखनऊ के मध्य ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का कार्य प्रगति पर है, अन्य स्वीकृत मार्गों पर भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। प्रमुख मार्गों पर कवच सिस्टम लगाए जाने का कार्य स्वीकृत है। इस बजट में इसके लिए प्रावधान किया गया है।