गोरखपुर जिले के बड़हलगंज राप्ती नदी की कटान से कंसासुर-खुटभार बांध की सुरक्षा खतरे में दिख रही है। जलस्तर घटने के साथ कटान तेज हो गई है। इससे बंधे की मिट्टी दरक रही है। ग्रामीण बंधे की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने अपने तई बंधे की सुरक्षा के लिए बोरी झांगा आदि डाला मगर बंधे पर पानी का दबाव बना हुआ है।
रवि प्रताप सिंह, मुसाफिर सिंह, राजू सिंह, बंका सिंह, रामदवन, राज बल्लम सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि बंधे पर कई जगह दरारें पड़ गई हैं यदि कहीं से भी बंधा टूटा तो दर्जनों गांव खतरे में आ जाएंगे। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाएगा। उधर, बाढ़ खंड के अभियंता राघवेंद्र सिंह का कहना है कि बंधे के लांचिंग का काम पूरा हो चुका है। स्लोप और पिचिंग का कार्य चल रहा है। बंधे पर कहीं कोई खतरे की बात नहीं है। बारिश के चलते थोड़ी मिट्टी धसक रही है। जिस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
खोला गया गोरखपुर वाराणसी राजमार्ग
गोरखपुर-वाराणसी हाइवे से आमी नदी का पानी पूरी तरह से हटने के बाद प्रशासन ने बृहस्पतिवार सुबह सात बजे इसे सभी छोटी-बड़ी सभी गाड़ियों के लिए खोल दिया। दरअसल, कसिहार चौराहे के निकट तीन तक्खा पुल के पास से लेकर नकबैठा पुल से आगे बगहाबीर बाबा मंदिर के पास तक आमी नदी का पानी सड़क पर चढ़ गया था। जिससे बीते बुधवार को प्रशासन ने इस राष्ट्रीय राजमार्ग से सभी गाड़ियों का संचालन बंद कर दिया था। मंगलवार को इसे छोटी गाड़ियां के आवागमन के लिए खोला गया था। बृहस्पतिवार को सभी वाहनों का संचालन बहाल कर दिया गया।
ट्रक हुआ खराब, लगा लंबा जाम
गोरखपुर वाराणसी राजमार्ग पर यातायात शुरू के बाद बगहा बीर बाबा मंदिर के पास एक ट्रक के खराब हो जाने के चलते दोपहर लगभग 12:30 बजे के करीब दोनों तरफ गाड़ियों का रेला लग गया। जिससे राहगीर जाम में फंसकर घंटों हलकान रहे। सड़क पर कीचड़ की वजह से भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। दरअसल, एनएचएआई के अधिकारियों ने बाढ़ के पानी को रोकने के लिए सड़क किनारे मिट्टी रखा था। बृहस्पतिवार को हुई मूसलाधार बारिश की वजह से तीन तकहा पुल से बगहा बीर बाबा के मंदिर तक सड़क पर पानी व कीचड़ जमा हो गया।