कानपुर मुठभेड़ के बाद हिस्ट्रीशीटरों की तलाश तेज
गोरखपुर। कानपुर में हिस्ट्रीशीटर के घर दबिश देने के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग के बाद प्रदेश भर की पुलिस हाई अलर्ट पर आ गई है। डीआईजी राजेश डी मोदक के निर्देश के बाद जिले में हर एसपी को उनके एरिया के हिस्ट्रीशीटरों की सूची सौंपी गई है ताकि वह नियमित निगरानी कर थाने से कार्रवाई करा सकें। खोराबार पुलिस हिस्ट्रीशीटर नंगा निषाद के घर गई तो कोई मिला नहीं। अन्य थानों की पुलिस भी हिस्ट्रीशीटरों की तलाश में लगी है। पुलिस सरगर्मी से तलाश में लगी है।
जानकारी के मुताबिक, जिले में 1400 से ज्यादा हिस्ट्रीशीटर हैं, इसमें से कई ऐसे भी हैं जो अब निष्क्रिय हो चुके हैं। मतलब उम्र ढल चुकी है या फिर अपराध की दुनिया से तौबा कर चुके हैं लेकिन एक्टिव हिस्ट्रीशीटरों की फिर से सूची तैयार की गई है। डीआईजी ने शुक्रवार को ही रेंज के सभी एसएसपी व एसपी को पत्र लिखकर हिस्ट्रीशीटरों पर कड़ी कार्रवाई और निगरानी का आदेश दे दिया है जिसके बाद पुलिस की सक्रियता और बढ़ गई है। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले भर में जितने हिस्ट्रीशीटर हैं उनकी समीक्षा की जाती है। सभी एसपी को भी सूची दी गई है ताकि वह मानीटरिंग कर थाना पुलिस से को निर्देशित कर नियमित कार्रवाई कराते रहें।
एक लाख के इनामी हिस्ट्रीशीटर की तलाश
- एक लाख रुपये का इनामी हिस्ट्रीशीटर राघवेंद्र यादव या फिर राकेश यादव सहित अन्य की सरगर्मी से पुलिस तलाश हो रही है। इन दोनों पर कई मुकदमे हैं। राघवेंद्र यादव दोहरे हत्याकांड का आरोपित भी है। राकेश यादव पर पिछले महीने ही एक प्रापर्टी डीलर पर गोली चलवाने के आरोप लगे थे। इस मामले में एक बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
जिले में 1431 हिस्ट्रीशीटर
कोतवाली थाने में 44, राजघाट-48, तिवारीपुर-38, कैंट-29, खोराबार-55, रामगढ़ताल-14, गोरखनाथ-62, शाहपुर-50, कैंपियरगंज-52, पीपीगंज-64, सहजनवां-36, चिलुआताल-60, गीडा-49, चौरीचौरा-99, झंगहा-82, पिपराइच-76, गुलरिहा-37, बांसगांव-63, गगहा-79, बेलीपार-47, गोला-49, बड़हलगंज-80, उरुवा-33, बेलघाट-28, खजनी-79, सिकरीगंज-45 और हरपुर बुदहट में 33 हिस्ट्रीशीटर हैं।
87 माफिया गैंग सक्रिय
जिले में 87 माफिया गैंग सक्रिय हैं। पुलिस इनकी नियमित निगरानी करती है, ज्यादातर गैंग के मुखिया को पुलिस जेल भेज चुकी है तो कई जमानत पर बाहर भी हैं। इस गैंग में सक्रिय सदस्यों की संख्या 393 है।
फर्जी फंसाने की साजिश
सिक्टौर में बाउंड्रीवाल तोड़ने के आरोपों से घिरे दयाशंकर निषाद शनिवार को मीडिया के सामने आए। उनका कहना था कि सहारा इस्टेट परिसर के कारोबारी ने जिस जमीन के बाउंड्रीवाल गिराने के आरोप लगाए हैं, वहां कुछ नहीं हुआ। बाउंड्रीवाल पहले की तरह खड़ी है। एक ईंट तक नहीं गिरा है। जमीन की रजिस्ट्री कराके काश्तकार को पूरा पैसा नहीं दिया गया। कई चेक बाउंस हो गए। काश्तकार पर मुकदमा कराके दबाव अलग से बनाया गया। अब मामले में नंगा निषाद व उनके बेटों को फंसाने की साजिश रची गई है। जो कारोबारी आरोप लगा रहे हैं, वह कई मामलों में खुद फंसे हैं।
हिस्ट्रीशीटरों का जमीन से कोई वास्ता नहीं
सहारा इस्टेट के कारोबारी ने शनिवार को फिर पुलिस का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना कहना था कि मौके पर 26 डिसमिल जमीन का सौदा हुआ था लेकिन 16 डिसमिल ही मिल पाई। इस कारण बैंक से चेकों के भुगतान पर रोक लगवा दी गई थी। कोई चेक बाउंस नहीं हुआ है। 10 डिसमिल बची जमीन जैसे ही मिलेगी, काश्तकार का पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। इस संबंध में सीओ कैंट कार्यालय में समझौता भी हुआ था। इस मामले से हिस्ट्रीशीटर नंगा निषाद, दयाशंकर निषाद और दिलीप निषाद से कोई लेना देना नहीं है। सिर्फ कमाई के लिए जमीन का मामला उठा रहे हैं। जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस मामले में पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे आरोपितों का मनोबल बढ़ा है। अब जो घटना हुई है, उसकी पूरी जानकारी पुलिस के आला अफसरों को दी जा चुकी है।