ज्येष्ठ का महीना खत्म होने को है और कल इस महीने का आखिरी मंगलवार है। भगवान हनुमान की पूजा के लिए ज्येष्ठ मास बेहद ही खास माना गया है। इस महीने के अंतिम मंगलवार को भौम प्रदोष भी है। मान्यता है कि ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों के जीवन में आ रहे कष्ट दूर हो जाते हैं।
हनुमान मंदिर जटाशंकर के पुजारी पंडित अरविंद गिरी ने बताया कि मंगलवार को हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें। फिर हनुमान जी के साथ भगवान राम का विधि-विधान से पूजन-अर्चन करें।
शाम के समय घर के मंदिर में हनुमानजी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। लाल वस्त्र पहनें और हाथ में जल ले कर व्रत का संकल्प करें। अब महावीर के सामने घी का दीपक जलाएं और फूल-माला चढ़ाएं।
रुई में चमेली के तेल लेकर उनके सामने रखें या हल्के से छीटे डाल दें। इसके बाद मंगलवार व्रत कथा का पाठ करें, फिर हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ करें। अंत में आरती करके भोग बेसन के लड्डू, गुण-चना और हलुआ का भोग लगाएं। सबको प्रसाद बांटकर, खुद भी प्रसाद ग्रहण करें।