गुलरिहा (गोरखपुर)। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सड़क हादसे में घायल 45 वर्षीय उमाकांत चौधरी की इलाज के दौरान मौत के बाद मंगलवार रात पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद हो गया। तीमारदारों ने जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट का आरोप लगाया है। सूचना पर पुलिस पहुंची। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेजा गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। संतकबीरनगर के कोतवाली थाना क्षेत्र के तेनुहारी सोयम गांव निवासी उमाकांत चौधरी तीन अक्तूबर को सड़क हादसे में घायल हुए थे। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। मेडिकल कॉलेज में सिर में चोट के कारण उन्हें मेडिसिन इमरजेंसी के वार्ड नंबर 11 में भर्ती किया गया था। मंगलवार रात करीब 12 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
तीमारदारों के मुताबिक, ड्यूटी पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने डेथ सर्टिफिकेट जारी कर शव घर ले जाने को कहा। तीमारदारों ने सड़क हादसे में मौत होने के कारण पोस्टमार्टम कराने की बात कही। इसी को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। तीमारदारों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर वार्ड नंबर 11 की गैलरी का चैनल गेट बंद कर उनके साथ मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। रात करीब दो बजे तक विवाद की स्थिति बनी रही।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए मेमो तैयार कर गुलरिहा पुलिस को भेजा गया। पुलिस ने शव को मर्चरी भेज दिया।