बीआरडी मेडिकल कॉलेज को पहले ही रेड जोन कैंपस घोषित किया जा चुका है। इसके बाद भी मरीजों के साथ तीमारदारों की आवाजाही बढ़ी है। इसे लेकर कॉलेज प्रशासन निर्देश भी जारी कर चुका है कि मरीजों के साथ केवल एक ही तीमारदार आए। लेकिन इस निर्देश का असर नहीं हुआ। मरीजों की साथ तीमारदारों की संख्या भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
बीआरडी प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि एनेस्थीसिया के डॉक्टर की ड्यूटी कोरोना वार्ड में नहीं लगाई गई थी। वह कैसे संक्रमित हुआ। इसकी जानकारी की जुटाई जा रही है।