सोमवार की सुबह करीब 11 बजे एनएचएआई और एसएलओ के कर्मचारी, जेसीबी लेकर कोनी गांव पहुंचे। सड़क के लिए लगे पीलर के भीतर चिह्नित जमीन पर धान की रोपाई न करने की हिदायत दी। जेसीबी से खेतों की सफाई काम का शुरू कराया। तभी कोनी गांव के ग्राम प्रधान रघुवीर समेत कई किसान आ गए। उन्होंने कहा कि अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, तो धान की खेती क्यों न की जाए। किसानों ने बाजार दर पर जमीन का मुआवजा तय करने की बात कही।
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एसएलओ के राजस्व निरीक्षक रामशंकर मौर्य ने किसानों को बताया कि मुआवजे के संबंध में कार्रवाई चल रही है। जमीन पर सड़क बनाने के लिए साफ सफाई शुरू कराई जाएगी। एनएचएआई के सर्वेयर कलीम खान और चंद्रशेखर ने भी किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, किसान मुआवजा दिए बिना काम शुरू नहीं कराने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद कर्मचारी लौट गए।
इस दौरान किसान ईश्वर शरण सिंह, रामरेखा सिंह, रामप्रताप चौरसिया, मति देवी, रामसमुझ, नरसिंह सिंह, प्रेमचंद चौरसिया, उदयभान गौड़, राजेश चौरासिया, दुर्विजय, बृजेश, शिवशंकर चौरसिया, रामसूरत, शारदा, श्रीराम, रामप्रसाद चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड का निर्माण कार्य जून में शुरू कराया जाना था। लेकिन, मुआवजे की रकम तय नहीं हो पाने की वजह से इस पर फैसला नहीं हो पा रहा है। इसलिए, अधिकांश किसान खेती करने लगे हैं। सोमवार को पहुंचे कर्मचारियों के लौटने के बाद आसपास क्षेत्र में इस बात की चर्चा रही कि माहौल भांपने के लिए कर्मचारी आए थे। अब वे दोबारा पूरी तैयारी से आएंगे। हालांकि किसान भी बिना मुआवजा के भुगतान हुए काम शुरू कराने पर विरोध का मन बना चुके हैं।
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कानूनगो रामशंकर मौर्य ने कहा कि किसानों को बताया गया है कि उनके मुआवजा के संबंध में प्रक्रिया चल रही है। लेकिन, लोग मान नहीं रहे हैं। काम करने से मना किया है। इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। आगे जैसा निर्देश होगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।