हुमायूंपुर स्थित साहिदाबाद में अपने घरों की छत पर नमाज पढ़ते लोग।
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शुक्रवार को शहर की तमाम मस्जिदों में जुमा की नमाज अदा की गई। मस्जिदों से अजान दी गई। जुमा का खुतबा दिया गया। लगभग सभी मस्जिदों में केवल पांच से सात लोगों ने जमात बनाकर जुमा की नमाज अदा की। साथ ही कोरोना वायरस से निजात की दुआ मांगी गई। वहीं मुस्लिम अवाम ने मस्जिद में जुमा की नमाज अदा न करके घरों में नमाज पढ़ी।
कोरोना महामारी के मद्देनजर शहर के उलेमा ने अवाम से मस्जिद में जुमा की नमाज अदा न करने की अपील की थी। जिसका असर जुमा (शुक्रवार) को नजर आया। जुमा के दिन मस्जिदें खचाखचा भरी रहती हैं लेकिन अबकि बार मस्जिदों के अंदर और बाहर सन्नाटा पसरा रहा।
कहीं चार तो कहीं सात लोगों ने मिलकर जुमा की नमाज मस्जिद में अदा की। मस्जिदों से जुमा की अजान करीब दोपहर 12:15 बजे शुरु हुई। अजान के बाद माइक से ही अवाम से कहा गया कि आप लोग घरों में जोहर की नमाज अदा कर लें। मस्जिद में न आएं।
दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद मस्जिद नार्मल में जुमा का खुतबा कारी शराफत हुसैन कादरी ने दिया। उन्होंने नमाज पढ़ाई और तकरीर करते हुए कोरोना वायरस से बचने की एहतियाती तदबीर बताई। कोरोना वायरस से निजात की दुआ की।
जामा मस्जिद सुब्हानिया तकिया कवलदह में मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी ने जुमा का खुतबा दिया और नमाज पढ़ाई। इसी तरह शहर के सभी मस्जिदों में जुमा की नमाज अदा की गई और मुस्लिम लोगों ने घरों में जोहर की नमाज अदा कर देश को कोरोना से निजात दिलाने के लिए दुआ मांगी।