फर्जी अंकपत्र से पाई नौकरी, दो शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज
गोरखपुर। फर्जी दस्तावेज के सहारे कई वर्षों तक परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रहे दो शिक्षकों पर बेसिक शिक्षा विभाग ने धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में शुक्रवार को मुकदमा दर्ज कराया है। अब तक कुल 52 बर्खास्त शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। अभी 22 और बर्खास्त शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाना है।
पिपराइच के खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार वैश्य ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय उसका के सहायक शिक्षक सुरेश सिंह के खिलाफ विभाग ने जांच कराई थी। उनका बीटीसी अंकपत्र तथा प्राथमिक विद्यालय हेमछापर के सहायक अध्यापक नरेंद्र त्रिपाठी का स्नातक अंक पत्र कूटरचित पाया गया था। विभागीय जांच में धोखाधड़ी उजागर होने पर खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने दोनों शिक्षकों पर केस दर्ज किया है।
अब तक 74 फर्जी शिक्षक बर्खास्त
वर्ष 2019 में एसटीएफ की कार्रवाई के बाद से गोरखपुर के बेसिक शिक्षा विभाग को कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें मिलने का सिलसिला शुरू हुआ। अब तक कुल 74 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। वहीं, 18 से अधिक शिक्षक निलंबित चल रहे हैं। इनके खिलाफ संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से जांच की जा रही है।
मुकदमा दर्ज कराने से किनारा करते हैं खंड शिक्षा अधिकारी
शासन की ओर से संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों को फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। मगर खंड शिक्षा अधिकारी मुकदमा दर्ज कराने से कतराते हैं। यही वजह है कि अब तक दर्ज हुए 52 मुकदमों में से 36 फर्जी शिक्षकों पर बीएसए बीएन सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ है। यानी 16 फर्जी शिक्षकों पर ही खंड शिक्षा अधिकारियों ने मुकदमा कराया है।
फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश मिला है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश से अवगत कराया गया है। जल्द से जल्द सभी फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।- बीएन सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी