इसके लिए विभाग से अनुमति नहीं ली, जो अभिलेखीय साक्ष्य में अंकित है। जांच के दौरान अवर अभियंता ने जो अभिलेखीय प्रस्तुत किया, उसमें भी विरोधाभास है। जेई ने अपने पद का दुरुपयोग किया है। इस अवैध लाइन निर्माण में प्रथम दृष्टया रमेश कुमार दोषी पाए गए है।
चेयरमैन एम देवराज ने जेई रमेश कुमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करते हुए उन्हें पावर कारपोरेशन के निदेशक कार्मिक व प्रशासन के कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
निगम को लगाई 10 लाख की चपत
बिजली निगम के मुताबिक, सैदपुर वितरण खंड तृतीय में नंदनदर बिजली घर पर तैनाती के वक्त अवर अभियंता रमेश कुमार ने नियमों को दरकिनार कर उपभोक्ता की मदद की। इसमें उपभोक्ता अगर नियम से लाइन शिफ्ट करवाता तो 10 लाख रुपये उसे निगम में जमा करने पड़ते।
एसई नगरीय वितरण मंडल यूसी वर्मा ने कहा कि टाउनहाल बिजली घर में तैनात किए गए अवर अभियंता रमेश कुमार को चेयरमैन के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है। रविवार शाम पत्र आने की सूचना मिली। अवर अभियंता को भी इस संबंध में पत्र देकर सूचना दे दी गई है।