ये छह से सात सप्ताह में ही अंडे देने लायक हो जाते हैं। मादा प्रतिवर्ष 250 से 300 अंडे देती है। 80 प्रतिशत से अधिक अंडा उत्पादन 9-10 सप्ताह में ही शुरू हो जाता है। एक मुर्गी रखने के स्थान में ही 10 बटेर के बच्चे रखे जा सकते हैं। इसके साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के चलते इनकी मृत्यु भी कम होती है।
बाराबंकी के गंजरिया फार्म पर मिलेंगे चूजे
बस्ती स्थित कृषि विज्ञान केंद्र बंजरिया के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि बटेर पालन करने वाले किसानों को पूरी जानकारी यहां उपलब्ध कराई जा रही है और बाराबंकी स्थित गंजरिया समेत लखनऊ के कई निजी फार्मों से चूजे उपलब्ध कराने का इंतजाम है। किसान हमारे इस नंबर (8737983981) पर भी संपर्क कर आवश्यक जानकारी ले सकते हैं।