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फोरलेन बनाया जाएगा जंगल कौड़िया-सोनौली मार्ग

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फोरलेन बनाया जाएगा जंगल कौड़िया-सोनौली मार्ग
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टीपी शाही
गोरखपुर। ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए अब जंगल कौड़िया-सोनौली मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। नेपाल की सीमा तक जाने वाले करीब 85 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के चौड़ा होने से यात्रा सुगम हो जाएगी। जयपुर की एक कंपनी डीपीआर तैयार कर रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद एनएचएआई टेंडर की प्रक्रिया शुरू करेगा। हालांकि, इसमें अभी समय लग सकता है। इस मार्ग से होकर हर साल लाखों देशी-विदेशी सैलानी नेपाल जाते हैं।
गोरखपुर से निकलने वाली हर प्रमुख सड़क फोरलेन हो गई है या हो रही है। अब गोरखपुर-सोनौली मार्ग की बारी है। यह मार्ग पहले काफी जर्जर था। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद 2015 में नितिन गडकरी ने जंगल कौड़िया में एक समारोह में इस सड़क के नव निर्माण की आधारशिला रखी। एनएच ने इसे टू लेन बनाया। इस पर तीन सौ करोड़ से अधिक की लागत आई थी। इस मार्ग पर वाहनों का अधिक दबाव होने के कारण जाम की समस्या हो जाती है। इसी के मद्देनजर अब इसे फोरलेन बनाने का निर्णय लिया गया है। जंगल कौड़िया तक एनएच फोरलेन का निर्माण करा रहा है। जंगल कौड़िया से सोनौली तक फोरलेन की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई जा रही है। इसके बाद टेंडर होगा। सबसे कम बोली लगाने वाली फर्म को काम मिलेगा। जिस फर्म को कार्य मिलता है वह निर्माण कराती है।
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फोरलेन बनने से फायदा
नेपाल की सरहद तक जाने की वजह से गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है। छोटे-छोटे कस्बों में जाम की स्थिति हो जाती है। फोरलेन बनने के बाद जाम से निजात मिलेगी। इस मार्ग पर दिन-रात गाड़ियां चलती रहती हैं। फोरलेन बनने पर जगह-जगह ढाबे और होटल खुलेंगे, इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रमुख कस्बों के बाहर बाईपास का निर्माण कराया जाएगा। बाईपास पर दुकान, रेस्टोरेंट, पेट्रेेेल पंप, मोटर मकैनिक की दुकानें खुलने से भी लोगों को रोजगार मिलेगा।
पर्यटकों को सड़क मार्ग से यात्रा करने में होगी सुविधा
कुछ समय पहले इस्रराइल के पर्यटकों का एक दल नेपाल से सड़क के रास्ते गोरखपुर होकर वाराणसी जा रहा था। यह दल गोरखपुर में रुका। दल के अगुआ ने भारत की बहुत प्रशंसा की, लेकिन सड़कों की हालत पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि सड़कें बहुत खराब हैं। जाहिर, फोरलेन बनने के बाद यह सड़क नेपाल जाने के लिए देसी-विदेशी पर्यटकों को काफी आकर्षित करेगी।
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जंगल कौड़िया-सोनौली फोरलेन के निर्माण का डीपीआर बनाई जा रही है। यह प्रक्रिया काफी दिनों से चल रही है, लेकिन अभी फाइनल नहीं हो पाई है। डीपीआर बनने के बाद ही टेंडर होगा। इसके बाद ही इसका निर्माण हो पाएगा।
- श्रीप्रकाश पाठक, परियोजना प्रबंधक एनएचएआई
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