आगामी जनगणना को लेकर लगाई जा रही ड्यूटी में भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। हालात यह है कि मृतक, दिव्यांग जन, गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती-प्रसूता शिक्षिकाओं तक को ड्यूटी लगा दी गई है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। वे नाम कटवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार 22 मई से शुरू होकर 22 जून तक चलने वाली जनगणना के लिए शिक्षकों व कर्मचारियों को मकान सूचीकरण और गणना का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस बीच बड़ी संख्या में लोग जिलाधिकारी, एसडीएम, नगर आयुक्त और बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्याएं बता रहे हैं। सर्वाधिक आवेदन महिलाओं की ओर से किए गए हैं।
सबसे हैरान करने वाला मामला मृतक शिक्षा मित्र पुरुषोत्तम प्रसाद का है, जिनका नाम भी ड्यूटी सूची में शामिल कर दिया गया था। वहीं खोराबार ब्लॉक की सुनीता सिंह, आस्था शुक्ला, गीता पांडेय समेत कई दिव्यांग शिक्षकों की भी ड्यूटी लगा दी गई है।
पाली ब्लॉक के आफताब आलम, सविता सिंह, संतोष कुमार और विजय प्रताप सिंह जैसे दिव्यांग शिक्षक भी इससे अछूते नहीं हैं। इसके अलावा कैंसर पीड़ित अरुण सिंह और शाहीन बानो, प्रसूता अंजू सिंह व नीतू सिंह तथा गर्भवती शिक्षिकाएं प्रतिमा मौर्य, लरेब अफरोज और प्रियंका मौर्य भी ड्यूटी लगने से परेशान हैं।
उनका कहना है कि छोटे बच्चों की देखभाल और इलाज के बीच घर-घर जाकर ड्यूटी करना संभव नहीं है। बीईओ पर भी लापरवाही के आरोप लगे हैं।
मृतक का नाम पोर्टल से हटा दिया गया है। अन्य मामलों में भी समस्याएं सुनकर समाधान किया जा रहा है। सूची को लेकर उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा रहा है। जनगणना करना भी सभी का नैतिक कर्तव्य है। सभी शिक्षक नियम अनुरूप बढ़-चढ़कर जनगणना में प्रतिभा करें: धीरेंद्र त्रिपाठी, बेसिक शिक्षा अधिकारी