गोरखपुर। तेल और घी में मिलावट की शिकायतों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने तीन दिन तक विशेष अभियान चलाकर 10 नमूने संग्रहित किए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कारोबारियों और कंपनियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग की टीम ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों, स्टॉकिस्टों और थोक विक्रेताओं की जांच की। एक माह पहले सहजनवां क्षेत्र की एक फैक्टरी में अनियमितता मिलने पर करीब 10 लाख रुपये का सरसों तेल सीज किया गया था। वहीं नेपाल से आयातित तेल के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। शासन के निर्देश पर मिलावट रोकने के लिए यह अभियान चलाया गया।
इन जगहों से लिए गए नमूने
खजनी रोड स्थित मेसर्स कृतिका न्यूट्रिश्नल लिमिटेड से कृतिका ब्रांड तेल का नमूना लिया गया। मोहद्दीपुर स्थित रिलायंस रिटेल और तेजस्वी इंटरप्राइजेज से पतंजलि, शाही परिवार और न्यू एनर्जी मैक्स ब्रांड घी के नमूने लिए गए। तारामंडल स्थित श्री लक्ष्मी नारायण सुपर बाजार से अन्नपूर्णा काउ घी और नेचर फ्रेश ग्राउंड नट ऑयल के नमूने लिए गए। वहीं शिव मेगा मार्ट और विशाल मेगा मार्ट से अमूल काउ घी, फर्स्ट कैप और गुड लाइफ ब्रांड सरसों तेल के नमूने भी जांच के लिए संग्रहित किए गए।
तीन दिन तक चले अभियान में तेल और घी के 10 नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट फेल आने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा