- दो मीटर के दायरे में होगी इंटरलॉकिंग, ऊपर से लगाई जाएगी सुरक्षा जाली
- 60 लाख रुपये होंगे खर्च, महादेव झारखंडी मंदिर के पास 400 केवीए ट्रांसफाॅर्मर से शुरू होगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। खुले में लगे ट्रांसफाॅर्मरों के आसपास अब झाड़ियां नहीं उगेंगी। बिजली निगम ट्रांसफार्मरों के चारों तरफ दो मीटर के दायरे में इंटरलॉकिंग कराएगा। इससे जमीन पर घास और झाड़ियों के उगने की समस्या दूर होगी। साथ ही ट्रांसफाॅर्मर के आसपास करंट उतरने और इसकी चपेट में आकर लोगों व जानवरों के जान गंवाने का खतरा कम होगा। सुरक्षा के लिए चारों तरफ खुली जाली भी लगाई जाएगी।
शहर में ऐसे 318 ट्रांसफाॅर्मर चिह्नित किए गए हैं, जहां सुरक्षा के इंतजाम किए जाने हैं। बिजली निगम का मानना है कि इस व्यवस्था से झाड़ियों के कारण बार-बार होने वाले फाल्ट से भी राहत मिलेगी। शहर में कुल 2772 ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं। इनमें से 318 को असुरक्षित चिह्नित किया गया है। इनकी सुरक्षा के लिए करीब 60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। बिजली निगम की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल चुकी है। अब जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पहले चरण में महादेव झारखंडी मंदिर के पास लगे 400 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर के चारों तरफ सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। इसके बाद अन्य चिह्नित ट्रांसफाॅर्मरों पर भी काम कराया जाएगा।
अधीक्षण अभियंता शहरी रणजीत चौधरी ने बताया, खुले में लगे ट्रांसफाॅर्मरों के आसपास झाड़ियां उगने से करंट उतरने का खतरा बना रहता है। इससे जानवरों के साथ लाइनमैन को भी परेशानी होती है। जमीन पर इंटरलॉकिंग और सुरक्षा जाली लगने से झाड़ियों की समस्या दूर होगी। इससे करंट की चपेट में आने का खतरा कम होने के साथ ही बार-बार होने वाले फाल्ट से भी राहत मिलेगी।
पहले यह हुई थी घटना
25 मई को शहर के नार्मल उपकेंद्र के बाहर रविवार दोपहर बाद निविदा लाइनमैन सोनू खान करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उसे तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया गया था जिसके बाद उसकी हालत स्थिर रही थी। इसके साथ ही 22 दिसंबर 2017 को कौड़ीराम-गजपुर रोड पर मिश्रौली गांव के पास पोल पर चढ़कर ट्रांसफार्मर से बिजली ठीक करने के दौरान युवक करंट की चपेट आने से झुलस गया। इसी के साथ शहर के कुछ जगहों पर ट्रांसफार्मर से करंट की चपेट में जानवर भी आ चुके हैं।