इंश्योरेंस फर्जीवाड़ा: 12 लोगों के फर्जी दस्तावेज के सहारे धोखाधड़ी की कोशिश
इसके पहले बजाज एलियांज ने रामगढ़ताल थाने में दर्ज कराई थी प्राथमिकी
गोरखपुर। रामगढ़ताल इलाके के बुद्ध विहार पार्ट-ए स्थित सील किए गए डिसेंट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर पर मेडिकल इंश्योरेंस फर्जीवाड़े को लेकर एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी। आरोप है कि अस्पताल ने 12 मरीजों को भर्ती किए बिना उनके नाम पर बीमा क्लेम की कोशिश की।
जांच में सामने आया कि अस्पताल ने इलाज से जुड़े दस्तावेज, मेडिकल पेपर और डॉक्टर के हस्ताक्षर फर्जी बनाकर बीमा कंपनी को साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया। कंपनी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, दस्तावेजों में इलाज करने वाले डॉक्टर के रूप में डॉ. अजय कुमार सिंह का नाम दर्ज है। जबकि उन्होंने लिखित रूप से स्पष्ट किया है कि वे अप्रैल 2025 से इस अस्पताल से जुड़े नहीं हैं। जिन मरीजों के नाम से क्लेम दाखिल किए गए, उनका उन्होंने कोई इलाज नहीं किया।
इसके साथ ही क्लेम के साथ लगाए गए कई लैब रिपोर्ट भी फर्जी पाए गए। जिन पैथोलॉजिस्ट के नाम रिपोर्ट में दर्ज थे, उन्होंने अस्पताल से किसी भी संबंध से इन्कार किया। भर्ती रजिस्टर, डिस्चार्ज समरी और बिलिंग दस्तावेजों में भी कई गड़बड़ियां पाई गईं, जिससे फर्जी बीमा क्लेम का संदेह और मजबूत हुआ। यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बजाज एलयांज इंश्योरेंस कंपनी ने भी इसी अस्पताल के खिलाफ फर्जी डॉक्टर के नाम, फर्जी मेडिकल पेपर और बनावटी बिल के आधार पर क्लेम करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस का कहना है कि इस बार भी वही संगठित तरीका अपनाया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि अस्पताल बीमा कंपनियों के साथ व्यवस्थित धोखाधड़ी कर रहा है।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।