गोरखपुर। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से संचालित ‘स्माइल’ योजना के तहत शहर में भिक्षावृत्ति में लगे लोगों का पुनर्वास किया जाएगा। शहर को भिखारियों से मुक्त कराने के लिए उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा। वहां पर उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर आत्म निर्भर बनाया जाएगा। ताकि वह भी सम्मान पूर्वक जीवन यापन कर सकें। योजना को लागू करने के लिए शुक्रवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई।
समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया कि परियोजना के संचालन के लिए निजी संस्था का चयन कर लिया गया है। यह संस्था अयोध्या, लखनऊ, कानपुर, मथुरा और आगरा में पहले से कार्य कर रही है। अब शहर में भी जल्द ही अभियान प्रारंभ किया जाएगा। संस्था के प्रतिनिधि प्रताप विक्रम सिंह ने सभी के सामने कार्ययोजना का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उपयुक्त शेल्टर होम आश्रय गृह उपलब्ध होने के बाद प्रमुख चौराहों, मंदिरों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों के आसपास भिक्षावृत्ति कर रहे लोगों को चिन्हित किया जाएगा। फिर उनको शेल्टर होम में रखकर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शेल्टर होम में चिन्हित लोगों को तीन से छह माह तक रखा जाएगा। इस दौरान उनका उपचार कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा।