- पुलिस ने पंपलेट बांटकर राहगीरों को किया जागरूक
गोरखपुर। चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कारोबारी की गर्दन कटने की घटना के बाद पुलिस ने रविवार को शहर में अभियान तेज कर दिया। पुलिस टीमों ने पतंग और मांझा बेचने वाली दुकानों पर पहुंचकर जांच की। दुकानदारों को प्रतिबंधित चाइनीज मांझा नहीं बेचने की चेतावनी दी गई। राहगीरों के बीच पंपलेट बांटकर मांझे के खतरों के प्रति जागरूक किया।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि चीन के मांझे का इस्तेमाल न करें और कहीं इसकी बिक्री होती मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित मांझा राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। बिक्री करने वालों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, शनिवार सुबह बसंतपुर निवासी सैनिटरी और पाइप फिटिंग के थोक कारोबारी मनोज कुमार बरनवाल हार्बर्ट बांध से घर लौट रहे थे। इसी दौरान वह चीन के मांझे की चपेट में आ गए। मांझे से उनकी गर्दन गंभीर रूप से कट गई। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान गर्दन में आठ से दस टांके लगाए।
शनिवार शाम करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच गोरखनाथ थाने के सामने स्कूटी से गुजर रहे समाजसेवी राजेश मणि भी चाइनीज मांझे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। पीछे से आ रहे एक राहगीर ने शोर मचाकर लोगों को सचेत किया। इसके बाद दो युवतियों ने आगे बढ़कर मांझा हटाया। राजेश मणि ने घटना के बाद पुलिस के अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय रहते मांझा हटाए जाने से बड़ा हादसा टल गया।
सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि अभियान के दौरान दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री किसी भी हालत में न करें। साथ ही आम लोगों से भी इसके इस्तेमाल से बचने की अपील की गई है।