- पहले अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल सामान्य जांचों की सुविधा थी उपलब्ध
गोरखपुर। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी राहत दी है। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में इलाज कराने वाले मरीजों को लिवर, किडनी, थायरायड और अन्य हार्मोन संबंधी जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी केंद्रों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जिले के 26 सीएचसी और पीएचसी को जिला अस्पताल की अत्याधुनिक लैब से जोड़ दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की नई व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों के रक्त समेत अन्य जरूरी नमूने नियमित रूप से जिला अस्पताल भेजे जा रहे हैं। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध कराई जा रही है, जहां चिकित्सक रिपोर्ट के आधार पर मरीजों का उपचार शुरू कर रहे हैं।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि पहले अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल सामान्य जांचों की सुविधा उपलब्ध थी। लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी), थायरायड प्रोफाइल और हार्मोनल जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। नई पहल से खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों को फायदा मिलेगा। अब उन्हें शहर जाने या निजी जांच केंद्रों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। सरकारी व्यवस्था के तहत उन्हें समय पर बेहतर जांच सुविधा मिल सकेगी।