- गोरखपुर विश्वविद्यालय : एआई मंथन-2.0 की तैयारियों की कुलपति ने की समीक्षा
- एक ही जगह मिलेगी विश्वविद्यालय की प्रमाणित जानकारी
- कानपुर में आयोजित होने वाले एआई मंथन 2.0 में शामिल होंगे शिक्षक व अधिकारी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अब प्रवेश, शुल्क, परीक्षा, परिणाम और प्रमाणपत्र समेत विश्वविद्यालय की विभिन्न सेवाओं की जानकारी के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विश्वविद्यालय में 24 घंटे उपलब्ध रहने वाला एआई आधारित स्टूडेंट असिस्टेंट विकसित करने की तैयारी है। इसके जरिये विद्यार्थी को अपने सवालों के त्वरित जवाब मिल सकेंगे।
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रस्तावित एआई मंथन-2.0 की तैयारियों की समीक्षा के दौरान इस कार्ययोजना की जानकारी ली। प्रस्तावित व्यवस्था में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, परीक्षा, छात्रावास, वित्त और अन्य शाखाओं की प्रमाणित व नवीनतम सूचनाओं को एक केंद्रीकृत ज्ञानकोश में जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों को जरूरी जानकारी एक ही मंच पर मिल सकेगी।
कुलपति ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल विद्यार्थी सुविधा बढ़ाने और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए होना चाहिए। एआई आधारित सेवाएं सरल, विश्वसनीय और विद्यार्थी-केंद्रित हों, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में प्रस्तावित अधिष्ठाता, एआई पहल एवं डिजिटल परिवर्तन कार्यालय पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने अधिकारियों को तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने और एआई के उपयोग को विद्यार्थी हित और प्रशासनिक दक्षता से जोड़ने के निर्देश दिए।
एआई मंथन-2.0 का आयोजन 12 और 13 सितंबर को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में होगा। इसमें प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय सहभागिता करेंगे। गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों व अधिकारियों की टीम भी एआई मंथन में शामिल होगी।