चीन से कच्चे माल के आयात पर प्रतिबंध और भारत से निर्यात में तेजी की वजह से कई उद्योग महंगाई की मार झेल रहे हैं। पिछले दो महीने में कच्चे माल की कीमतों में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में उद्योगपतियों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत पहले के आर्डर को उसी कीमत पर पूरा करने की है।
दरअसल, स्थानीय स्तर पर भी पहले बड़ी मात्रा में कच्चे माल का आयात चीन से होता था, लेकिन अब चीन से आयात पर रोक लग गई है। उधर, मुनाफा ज्यादा होने के चलते देश से बड़ी मात्रा में कच्चे माल का निर्यात होने लगा, इसके चलते कच्चे माल की कीमतें काफी बढ़ गईं हैं।
कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से उनसे बनने वाले उत्पादों की भी कीमतें बढ़ गई हैं। जानकार बताते हैं कि केवल प्लास्टिक के उत्पादों की कीमतें चालीस प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। इस महंगाई की मार उद्यमी से लेकर आम आदमी तक पड़ रही है।