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Exclusive: महंगाई की मार से कराह रहे कई उद्योग, जानिए किस वजह से आई ये मुश्किल

Sun, 27 Dec 2020 09:53 AM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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चीन से कच्चे माल के आयात पर प्रतिबंध और भारत से निर्यात में तेजी की वजह से कई उद्योग महंगाई की मार झेल रहे हैं। पिछले दो महीने में कच्चे माल की कीमतों में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में उद्योगपतियों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत पहले के आर्डर को उसी कीमत पर पूरा करने की है।
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दरअसल, स्थानीय स्तर पर भी पहले बड़ी मात्रा में कच्चे माल का आयात चीन से होता था, लेकिन अब चीन से आयात पर रोक लग गई है। उधर, मुनाफा ज्यादा होने के चलते देश से बड़ी मात्रा में कच्चे माल का निर्यात होने लगा, इसके चलते कच्चे माल की कीमतें काफी बढ़ गईं हैं।

कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से उनसे बनने वाले उत्पादों की भी कीमतें बढ़ गई हैं। जानकार बताते हैं कि केवल प्लास्टिक के उत्पादों की कीमतें चालीस प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। इस महंगाई की मार उद्यमी से लेकर आम आदमी तक पड़ रही है।
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
प्लास्टिक प्रोडक्ट उद्यमी एसके अनूप ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। चीन से आयात पर प्रतिबंध लगा हुआ है। भारतीय कंपनियां अपना माल बाहर भेज दे रही हैं। इस वजह से प्लास्टिक उत्पादों की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो गई है।
 
साहू समूह के एमडी सनूप साहू ने बताया कि पिछले चार-पांच महीने में प्लास्टिक और लोहे के उत्पाद बनाने के काम आने वाले कच्चे माल की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी हो गई है, जितनी पिछले पांच साल के दौरान नहीं हुई थी। इस वजह से सिलाई मशीन से लेकर अन्य कई इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी है।
 
टाटा स्टील व्यापारी गौरव जिंदल ने बताया कि दिवाली से पहले सरिया की कीमत 41 रुपये प्रति किलो थी, लेकिन अब यह 52 रुपये प्रति किलो हो गई है। कच्चे माल की कमी से कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे ही हालात रहे तो जनवरी में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
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