एलपीजी सिलिंडर के वितरण में मनमानी पर लगाम लगाने के लिए इंडियन ऑयल ने व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ताओं को सिलिंडर की डिलीवरी के समय हॉकर को गैस की किताब के साथ ही पंजीकृत मोबाइल नंबर पर कंपनी की ओर से भेजे गए डिलीवरी कंफर्मेशन ओटीपी भी बताना होगा।
हॉकर इस ओटीपी को गैस एजेंसी को देंगे, जहां से इसे इंडियन ऑयल के नए एसडीएमएस सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर दिया जाएगा।
जिले की 46 इंडेन गैस एजेंसी के 4 लाख 60 हजार उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। नई व्यवस्था के तहत सिलिंडर बुक करने वाले व्यक्ति तक सिलिंडर की डिलिवरी हो रही है, इसे इंडियन ऑयल की ओर से सुनिश्चित किया जाएगा।
ट्रायल के तौर पर उपभोक्ताओं के नंबर पर ओटीपी भेजा जाना शुरू हो गया है। पुरानी व्यवस्था के तहत सिलिंडर डिलीवरी की निगरानी के लिए कोई मजबूत तंत्र कंपनी के पास मौजूद नहीं था। नई सुविधा से कंपनी खुद सिलिंडर को ट्रैक कर सकेगी। इससे गैस हॉकरों की मनमानी और गैस सिलिंडर की कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी।
इंडेन चीफ एरिया मैनेजर मुनीष गुप्ता ने कहा कि इंडेन की ओर से डिलीवरी कंफर्मेशन ओटीपी सुविधा की शुरुआत की गई है। इसके तहत उपभोक्ताओं के पंजीकृत नंबर पर पर्ची तैयार होने की सूचना के साथ ही ओटीपी भी सिस्टम जनरेटेड सॉफ्टवेयर की ओर से भेजा जाएगा। जिसे उपभोक्ताओं को डिलीवरी या गैस एजेंसी से सिलिंडर लेने के दौरान बताना होगा।