जवाहर लाल नेहरू पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज महराजगंज के राजनीति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. घनश्याम शर्मा ने बताया कि जनपद में स्वतंत्रता संग्राम का उदय 1931 में प्रोफेसर शिब्बन लाल सक्सेना के आने पर हुआ। इसके पूर्व जनपद में जमींदारों का वर्चस्व रहा।
इन जमींदारों में रामपुर बल्डीहा के लक्ष्मण प्रसाद तिवारी, हरपुर के महंत लक्ष्मीशंकर एवं इनके भाई सिसवां बाजार के नवल किशोर सिंह तथा परमहंस सिंह, रजवल एवं करमहा के भगवती प्रसाद सिंह आदि प्रमुख हैं। इनके अतिरिक्त गोरखपुर निवासी पुरूषोत्तमदास रईस तथा चतुर्भुज दास आदि की भी जमींदारियां रही हैं।
महात्मा गांधी के 1930 में नमक सत्याग्रह एवं 1931 में जमींदारों के अत्याचार के विरूद्ध यहां की जनता ने प्रोफेसर शिब्बन लाल सक्सेना के नेतृत्व में हिस्सा लिया। शहीदों की याद में विशुनपुर गबडुआ में स्मारक बना है।