स्पोर्टस कॉलेज स्थित ऑटोमोबाइल एजेंसी के निदेशक के घर के बाहर खड़ी आयकर विभाग की गाड़ियां
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आयकर विभाग की छह जिलों से आई टीमों ने मंगलवार सुबह गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में बड़े ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट कारोबारियों के अलावा साल्वेंट फैक्टरी, बॉटलिंग सेंटर (डिस्टलरी) समेत छह प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापा मारा। यह कार्रवाई उनके आवास, व्यावसायिक परिसरों और फैक्टरियों पर एक साथ शुरू की गई।
विभाग की जांच आय से अधिक संपत्ति, टैक्स चोरी और वित्तीय लेनदेन के संदिग्ध मामलों पर केंद्रित है। देर रात तक टीमें दस्तावेज खंगालती रहीं। आयकर विभाग की टीमें लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद और प्रयागराज से गोरखपुर पहुंचीं।
वाराणसी की जॉइंट डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन प्रांजल सिंह और असिस्टेंट डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन उत्सव पांडेय के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों में करीब 220 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियाें की टीम ने सुबह सात बजे से ही कार्रवाई शुरू कर दी।
गोरखपुर एमबी मोटर्स
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गोरखपुर में शाहपुर स्थित एमबी मोटर्स के शोरूम और निदेशक के स्पोर्ट्स कॉलेज क्षेत्र में स्थित आवास, बरगदवां स्थित साल्वेंट फैक्टरी के अलावा गीडा स्थित साल्वेंट फैक्टरी और गोलघर स्थित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में कारोबारी से जुड़े चार्टर्ड एकाउंटेंट के कार्यालय में आयकर टीम ने दस्तावेज खंगाले।
देवरिया में फॉरएवर डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड, कुशीनगर के कसया में रियल एस्टेट कारोबारी आलमगीर के आवास और उनके रेड हिल्स ग्रुप के कार्यालय, महराजगंज में गोरखपुर रोड स्थित सतभरिया इलाके में शुभम हीरो मोटरसाइकिल एजेंसी पर आयकर विभाग की टीमें देर रात तक जांच पड़ताल करती रहीं। विभाग का मानना है कि जांच में कई वित्तीय अनियमितताओं और गुप्त लेनदेन की पुष्टि हो सकती है।
आयकर विभाग की टीम ने सीए के दफ्तर में भी जांच शुरू की
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आशंका: शराब, साल्वेंट फैक्टरी और रियल एस्टेट से हुई आय में हेराफेरी
आयकर विभाग की टीम ने गोरखपुर मंडल में ऑटोमोबाइल कारोबारी, साल्वेंट फैक्टरी, डिस्टलरी और रियल एस्टेट कारोबारी के यहां एक साथ छापा मारकर दस्तावेजों को खंगालने के पहले महीने भर होमवर्क किया था। इन सारे प्रतिष्ठान और फैक्टरी का एक-दूसरे से ताल्लुक पाया गया।
विभाग के सूत्रों के मुताबिक, साल्वेंट फैक्टरी और रियल एस्टेट से हुई आय में हेराफेरी के कुछ प्रमाण मिले हैं जिसके बाद आयकर चोरी का शक गहरा गया है। टीम के पास पूरा दस्तावेज पहले से मौजूद था, अब सिर्फ उसका मिलान किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि करोड़ों के लेनदेन में हेराफेरी कर आय को छिपाया गया है।
सूत्रों की मानें तो जुलाई में लखनऊ और वाराणसी से आई आयकर विभाग की टीम गोरखपुर निबंधन कार्यालय से टॉप-50 वाली रजिस्टि्रयों के दस्तावेज ले गई थी। इसके कुछ दिन बाद टीम ने सहजनवां और महराजगंज के निबंधन कार्यालय में दस्तावेज खंगाले थे। इसमें फर्जी पैन कार्ड लगाकर रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया था।
जांच के दौरान कुछ बड़ी रजिस्ट्री में रुपये खपाने का शक था। कुशीनगर में रियल एस्टेट कारोबारी के यहां छापा भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो 30 से ज्यादा गाड़ियों से आईं टीमों को एक साथ गोरखपुर से अलग-अलग जगहों के लिए रवाना किया गया।
यह भी पता चला है कि इन सारे प्रतिष्ठानों का बैलेंस शीट भी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट देखते हैं, लिहाजा आयकर विभाग के रडार पर वह भी आ गए हैं। गोरखपुर में सभी जगहों पर वाराणसी, लखनऊ और मुरादाबाद की टीमों ने कार्रवाई की है, जबकि देवरिया के उसरा बाजार इंडस्ट्रियल एस्टेट में शराब बनाने वाली फैक्टरी फॉरएवर डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड पर सीतापुर से पांच गाड़ियों से आए अफसरों ने जांच-पड़ताल की।
बताया जा रहा है कि गोरखपुर के कारोबारी तन्मय मोदी, अनीष मोदी और मनीष केडिया की संयुक्त फर्म है। इसी तरह महराजगंज में शुभम हीरो मोटरसाइकिल एजेंसी की जांच करने आई कानपुर की टीम के साथ गोरखपुर आयकर अधिकारी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों और फैक्टरी से सारे दस्तावेज, हार्ड डिस्क को अपने कब्जे में लिया है। साथ ही दस्तावेजों के साथ पूछताछ भी जारी है।
जांच करती टीम
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आयकर कार्यालय से गाड़ियों में भेजे गए लंच पैकेट और कुछ रिकॉर्ड
आयकर विभाग की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रहने की उम्मीद है। मंगलवार को दोपहर में वाराणसी से आई चार गाड़ियों में गोरखपुर आयकर कार्यालय से लंच पैकेट और कुछ रिकॉर्ड वाले दस्तावेज अधिकारियों को भेजा गया। करीब एक घंटे बाद ही दो और गाड़ियों से सामान भेजे गए। कार्रवाई को लेकर पूरे दिन आयकर विभाग में चर्चाओं का बाजार गरम रहा।