अभ्युदय योजना के तहत कक्षाओं का संचालन मंगलवार से शुरू हो रहा है। पहले दिन विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में कक्षाएं चलाई जाएंगी। इसके बाद मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) और विकास भवन में कक्षाओं का संचालन होगा। सीडीओ ने बताया कि दो महीने बाद बेतियाहाता में तैयार किए जा रहे स्टडी सेंटर में कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
लाइब्रेरी की सुविधा जुबिली लाइब्रेरी से मिलेगी। विकास भवन में एक स्टडी सेंटर होगा, जहां 40 बच्चे एक साथ बैठकर पढ़ सकेंगे। इसका लोकार्पण भी हुआ है। कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कहा कि समाज कल्याण विभाग का एक हॉस्टल पहले से चलता है, वहां 100 जरूरतमंद छात्रों को रहने की व्यवस्था कराई जाएगी।
सभी अधिकारी बनेंगे मेंटर
कमिश्नर ने कहा कि सभी आला अधिकारी मेंटर की भूमिका में होंगे। डीएम सात-आठ विद्यार्थियों केे मेंटर होंगे। इसी तरह आईजी से भी अनुुुुरोध करेंगे वे कुछ विद्यार्थी के मेंटर बनें।
आईएएस अनुज मलिक लेंगी कोचिंग की पहली क्लास
सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने बताया कि दीक्षा भवन में मंगलवार सुबह 10 से 10:15 बजे सरस्वती वंदना होगी। इसके बाद यूपीएससी की पहली कक्षा शुरू होगी जो 11:15 बजे तक चलेगी। पढ़ाने की जिम्मेदारी खजनी की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम अनुज मलिक को दी गई है। सुबह 11:15 से एनडीए/ सीडीएस की कक्षा शुरू होगी। जिसे गोरखपुर एयरफोर्स के अफसर संचालित करेंगे।
दोनों ही कक्षाओं के संबंध में संबंधित छात्र-छात्राओं के मोबाइल फोन पर मैसेज कर दिए गए हैं। सीडीओ ने बताया कि गोरखपुर मंडल में अब तक 25 हजार छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। पहली स्क्रीनिंग के बाद यूपीएससी के 912, नीट के 163 और एनडीए/सीडीएस के 51 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। धीरे-धीरे दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्क्रीनिंग कर कक्षाएं शुरू की जाएंगी।
बीएसी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना चाहता था लेकिन कोचिंग की फीस भरना आसान नहीं था। इसलिए एमएससी में दाखिला ले लिया। अभ्युदय कोचिंग हमारे जैसे लोगों के लिए वरदान साबित होगी।- पृथ्वी सिंह, एमएससी तृतीय सेमेस्टर गोविवि
पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने साधारण परिवार के ऐसे बच्चे जो मेधावी हैं, की सुध ली है। अभ्युदय कोचिंग में मार्गदर्शन तो मिलेगा ही, कामयाब अधिकारियों के अनुभव भी प्राप्त होंगे। यह प्रेरणा का काम करेगा। - अंशुमान भट्ट, बीएससी (बायो) सेंट एंड्रयूज कॉलेज
कोचिंग संस्थानों में लगने वाला शुल्क सभी नहीं वहन सकते हैं। ऐसे में सेल्फ स्टडी या अन्य विकल्प तलाशना पड़ता है। निशुल्क कोचिंग की सुविधा मिलने से अब गरीब मेधावियों को प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिलेगा।- अनामिका, बीए गोविवि
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग वरदान साबित होगी। प्रतिभाएं बहुत हैं लेकिन सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है। कोचिंग में पढ़ने से अच्छी दिशा मिलेगी। कड़ी मेहनत करके अच्छा परिणाम लाएंगे। - प्रिया गुप्ता, बीकॉम गोविवि
घर की माली हालत ठीक नहीं है। पिता मजदूरी करते हैं। मैं और छोटी बहन ट्यूशन करके घर का खर्च चलाने में पिता का सहयोग करते हैं। स्नातक के बाद पढ़ाई नहीं कर पाई। अब निशुल्क कोचिंग की सौगात मिली है। - प्रियंका चौधरी, बीए, गंगोत्री देवी महाविद्यालय