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राष्ट्रीय अधिवेशन: CM योगी ने कहा- 'विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होना मेरे सौभाग्य की बात'

Sun, 24 Nov 2024 05:55 PM IST
रोहित सिंह राष्ट्रीय अधिवेशन: CM योगी ने कहा- 'विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होना मेरे सौभाग्य की बात'

सार

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होना सौभाग्य की बात है और वह खुद को भी सौभाग्यशाली मानते हैं कि विद्यार्थी जीवन में वह विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रहे हैं।
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एबीवीपी अधिवेशन में सीएम योगी मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवा ऊर्जा को सही दिशा देने वाला दुनिया का सबसे बड़ा युवा संगठन और एक सशक्त प्लेटफार्म है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होना सौभाग्य की बात है और वह खुद को भी सौभाग्यशाली मानते हैं कि विद्यार्थी जीवन में वह विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने युवाओं को राष्ट्रधर्म सर्वोपरि का मंत्र देने के साथ इसके मार्ग में आने वाली बाधाओं से निपटने का तरीका भी बताया। कहा कि राष्ट्रधर्म की चुनौतियों का सामना पारस्परिक एकता से ही ही पाएगा। कहा कि छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। युवा कल का नहीं, आज का नागरिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रधर्म के पथ पर बढ़कर ही हम आजादी के शताब्दी वर्ष तक विकसित, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस परिकल्पना को साकार करने के लिए हमें मिलकर कार्य करना होगा।
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एबीवीपी का 70वां राष्ट्रीय अधिवेशन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

सीएम ने राम-कृष्ण से लेकर नए दौर के उद्धरणों से समझाई युवा ऊर्जा की ताकत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पौराणिक काल, श्रीराम, श्रीकृष्ण से लेकर क्रांतिकारियों और नए दौर के उद्धरणों से युवा ऊर्जा की ताकत समझाई। कहा कि भगवान श्रीराम ने गिरिवासियों की एकता विखंडित करने तथा ज्ञान परंपरा के वाहक ऋषियों को प्रताड़ित करने वाले दुष्टों की रक्षा अपने युवाकाल में ही की।

भगवान श्रीकृष्ण ने युवा रूप में ही कंस से त्रस्त मथुरा को भयमुक्त किया। दुनिया की परिनिर्वाण और अपना दीपक खुद बनो का संदेश देने वाले बुद्ध, महावीर, आदि शंकराचार्य, वीर वंदा वैरागी, सवा लाख से एक लड़ाऊं का उद्घोष करने वाले खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोविंद सिंह, उनके चारों साहिबजादों अजित सिंह, जुझार सिंह, फतेह और जोरावर सिंह, हिंदवी साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी, भारत के स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप, 1857 के स्वतंत्रता समर की वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई, काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, दो बार आजन्म कारावास की सजा पाने वाले महान क्रांतिकारी वीर सावरकर, गर्व से कहो हम हिंदू हैं का वैश्विक उद्घोष करने वाले स्वामी विवेकानंद आदि सभी ने अपनी युवा ऊर्जा से पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
 

एबीवीपी का 70वां राष्ट्रीय अधिवेशन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यही नहीं, दुनिया में दृष्टिबाधितों के लिपि बनाने वाले लईस ब्रेल ने 15 वर्ष की उम्र में यह आविष्कार किया था। आइंस्टीन ने जब सापेक्षता का सिद्धांत दिया तब तब उनकी उम्र 16 वर्ष थी। जबकि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन ने 23 वर्ष की उम्र में दिया था।

राष्ट्र विरोधी धर्मांतरण पर लगाम लगाना नागरिकों का भी दायित्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रो. यशवंतराव केलकर पुरस्कार से सम्मानित टीच संस्था के सह संस्थापक दीपेश नायर के कार्यों की सराहना करते हुए मूक बधिर बच्चों के राष्ट्रविरोधी धर्मांतरण से जुड़ा एक वाकया भी सुनाया। बताया कि 2019 में एक मंदिर में संत की हत्या की साजिश के लिए छद्म नाम से जा रहे दो युवकों के पकड़े जाने के बाद कराई गई सख्त जांच में पता चला कि दोनों युवकों का संबंध दिल्ली के बाटला हाउस से जुड़े एक धर्म उपदेशक से थाऔर तीन पीढ़ी पूर्व उनके पूर्वजों ने इस्लाम स्वीकार कर लिया था।
 
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एबीवीपी का 70वां राष्ट्रीय अधिवेशन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चूंकि 2008 में बाटला हाउस में एक आतंकी मुठभेड़ के दौरान दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हुए थे, इसलिए बाटला हाउस कनेक्शन की बात पता चलते ही जांच और गहराई में ले जाई गई। जांच में यह बात सामने आई की वहां से एक बड़ा रैकेट संचालित हो रहा था

जो मूक बधिर बच्चों को टारगेट कर उनका धर्मांतरण कर रहा था। गुड़गांव और कानपुर से जुड़े ऐसे मामले पकड़ में आए। धर्मांतरण करने वाले इस रैकेट में 500 परिवारों को अपने चपेट में लिया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में तीन महापुरुष धर्मांतरण करने वाले धर्म उपदेश समेत 7 लोगों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

इस प्रकरण को बताने के साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके बीच कुछ ऐसे छिपे लोग हैं जो छद्म रूप से राष्ट्रविरोधी धर्मांतरण कर रहे हैं। यह सेवा की सौदेबाजी है। इस पर लगाम लगाना सिर्फ सरकार या किसी संगठन का नहीं बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि दीपेश नायर जैसे लोग मूक बधिर बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार कर ऐसा ही कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोगों ने धर्मांतरण को बढ़ावा देने की साजिश को ब्रेकर दिया है। एक लक्ष्मण रेखा बनाई है।
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