मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ज्ञानवान और शीलवान बनने के साथ विज्ञान-तकनीकी के अनुकूल होकर समय के प्रवाह की गति को समझना अपरिहार्य है। यदि हम समय के प्रवाह की गति को समझने में चूक गए तो समय का यह प्रवाह दुर्गति कर देगा। समय के प्रवाह की दुर्गति से बचने के लिए जरूरी है कि हम विज्ञान और तकनीकी से भागें नहीं, बल्कि इसके सापेक्ष खुद को तैयार करें।
सीएम योगी रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तीन दिवसीय 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन दिवस पर एक विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ट्रेनिंग एंड एजुकेशनल सेंटर फॉर हियरिंग इम्पेयर्ड (टीच) ठाणे, मुंबई के सह संस्थापक दीपेश नायर को प्रोफेसर यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार से सम्मानित किया।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सूत्र वाक्य ज्ञान, शील, एकता का उल्लेख करते हुए कहा जाता ज्ञानवान बनने के लिए दुनिया में भारत से बड़ा आग्रही कोई और देश नहीं है।
गीता में भी कहा गया है, ‘न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते’ अर्थात ज्ञान के समान पवित्र करनेवाला, शुद्ध करनेवाला इस लोक में दूसरा कोई नहीं है। ज्ञानवान होने के लिए यहां ज्ञानवाहक ऋषि परंपरा का सम्मान रहा है।
सीएम योगी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि काल का प्रवाह किसी का इंतजार नहीं करता है। किसी की भी परवाह किए बगैर कालचक्र चलता रहता है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम विज्ञान तकनीकी से भागेंगे तो समय के साथ नहीं चल पाएंगे। मुख्यमंत्री ने नब्बे के दशक में कम्प्यूटरीकरण को लेकर हुए विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि तब कम्प्यूटरीकरण का विरोध हो रहा था और आज उससे भी आगे ई ऑफिस का दौर आ गया।
पूरी दुनिया एक स्मार्टफोन में आ चुकी है। समय के साथ टेक्नोलॉजी बढ़ती गई। बिजली, टेलीफोन, टेलीविजन, हवाई जहाज, माइक्रोवेव, इंटरनेट, जीपीएस, सोशल मीडिया जैसी तकनीकी विरोध झेलकर आगे बढ़ती गई। इनमें से एक भी तकनीकी ऐसी नहीं है जो आज दैनिक जीवन का हिस्सा न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज और राष्ट्र के प्रति कल्याणकारी सोच का युवा विज्ञान और तकनीकी से जुड़ेगा तो स्वयं को समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाएगा। उन्होंने युवाओं को मंत्र दिया कि हमें तामसिक मानसिकता का शिकार नहीं बनना है लेकिन खुद की प्रासंगिकता को बनाए रखते हुए तकनीकी से जुड़कर आगे बढ़ते रहना है।
सीएम ने कहा कि तकनीकी जब अच्छे लोगों के हाथ में होती है तब वह लोक और राष्ट्र कल्याण का माध्यम बनती है। पर, जब तकनीकी नकारात्मक लोगों के हाथ में जाएगी तो आतंकवाद और विध्वंसात्मक ताकतों को बढ़ावा मिलेगा।