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गोरखपुर : अमर उजाला के आयोजन में मुख्यमंत्री योगी ने कहा- ज्योतिष व आयुर्वेद का परस्पर गहरा संबंध

Sun, 17 Apr 2022 03:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

मुख्यमंत्री ने अमर उजाला- गैलेंट ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम-2022 का शुभारंभ किया। इस मौके पर योगी ने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ा रही है सरकार। आयुर्वेद व ज्योतिष के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए खोले जा रहे हैं नए संस्थान। 
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उद्घाटन अवसर पर सीेएम योगी... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्योतिष को हमने भाग्य जानने और आयुर्वेद को औषधि की पुड़िया तक सीमित रखा, जिसके चलते हम पिछड़ते चले गए। ज्योतिष व आयुर्वेद का परस्पर गहरा संबंध है। दोनों विधाओं में हमें सकारात्मक रूप से टीम भावना के साथ शोध की परंपरा को आगे बढ़ाना होगा। निश्चित रूप से बेहतर परिणाम सामने आएंगे। यह कहना है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का। वह शनिवार देर शाम आरपीएम एकेडमी ग्रीन सिटी में अमर उजाला- गैलेंट ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम-2022 के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। 

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देश के जाने-माने ज्योतिष व आयुर्वेदाचार्यों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद व ज्योतिष के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए नए संस्थान खोले जा रहे हैं। गोरखपुर में महायोगी गोरक्षनाथ आयुष विश्वविद्यालय और वाराणसी में वेद विज्ञान केंद्र की स्थापना इसी की कड़ी का हिस्सा है। उन्होंने आयुर्वेद एवं ज्योतिष के परस्पर संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी भारतीय मनीषा में वनस्पतियों से औषधि एकत्र करने और औषधियों को रोगी को देने का भी मुहूर्त तय होता है। इस संबंध में उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के इलाज से जुड़ा एक संस्मरण भी सुनाया। साथ ही रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने गए थे तो उन्हें भी वैद्य सुषेन ने विशेष मुहूर्त का ज्ञान कराया था। 

कर्म सकारात्मक होगा तो भाग्य भी प्रबल होगा
 मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भारतीय मनीषा कर्म प्रधान है। कर्म सकारात्मक होगा तो भाग्य प्रबल होता जाएगा। आज दुनिया हमारी परा व अपरा विद्या के रूप में भारतीय मनीषा की ज्योतिष आयुर्वेद आदि विद्याओं के बारे में जानने को उत्सुक है। भारतीय मनीषा ने अपरा व परा विद्या की बात कही है। इसके लिए आध्यात्म को जानने की जरूरत है। आध्यात्म के लिए भौतिक ज्ञान की जानकारी आवश्यक है। हमारे चारों वेद, वेदांग, उपनिषद व पुराण  सभी अपरा विद्या के प्रारूप हैं। ज्योतिष व आयुर्वेद भी इसी अपरा विद्या का अंग हैं। हम इसमें पारंगत होंगे तो आध्यात्म में भी पारंगत होंगे। गुरु गोरखनाथ इस संबंध में बहुत सारे ऐसे गूढ़ रहस्यों को सामने लाए। गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना भी इन्हीं उद्देश्यों के साथ की गई है।
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सकारात्मक शक्तियां साथ होंगी तो परिणाम भी सकारात्मक
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब सकारात्मक शक्तियां एक साथ मिलकर काम करती हैं तो परिणाम भी सकारात्मक आते हैं। 21 जून को मनाया जाने वाला विश्व योग दिवस इसका उदाहरण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग के हमारे प्राचीन ज्ञान को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाया है। सकारात्मकता के साथ 2019 में हुआ प्रयागराज कुंभ का आयोजन सुरक्षा, स्वच्छता व सुव्यवस्था का पर्याय बना। अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर के रूप में इसे यूनेस्को से मान्यता मिली। अपनी प्राचीनतम ज्ञान की थाती को हमें इसी सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ाना होगा। 

शोध के माध्यम से दोनों विद्याओं को आगे बढ़ाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्योतिष और आयुर्वेद दोनों विधाओं को शोध के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा। ज्योतिषाचार्य व आयुर्वेदाचार्य अपने शोध पत्र को अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित कराएं। राज्य सरकार का रवैया सदैव सकारात्मक रहेगा। 

दो लाख रुपये फेलोशिप देगा अमर उजाला
ज्योतिष व आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए अमर उजाला दो लाख रुपये फेलोशिप देगा। इसकी घोषणा मंच से की गई। अमर उजाला ने ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम के आयोजन को प्रति वर्ष कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

भारत का कोरोना प्रबंधन दुनिया के लिए कौतूहल का विषय
मुख्यमंत्री ने कोरोना प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हुए कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यूरोप और अमेरिका की तुलना में कमजोर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर होने के बावजूद भारत का कोरोना प्रबंधन विश्व में सर्वश्रेष्ठ रहा। भारत का कोरोना प्रबंधन दुनिया के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। अमेरिका की आबादी भारत की चौथाई है फिर भी वहां अपने देश की तुलना में दोगुनी मौतें हुईं।

भारत ने न केवल वैश्विक महामारी का सफल नियंत्रण किया बल्कि महामारी के दौरान किसी भी व्यक्ति की मौत भूख से नहीं होने दी। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की व्यवस्था की गई। यही नहीं, मुफ्त जांच, इलाज व वैक्सीन की सुविधा देने वाला भारत दुनिया का इकलौता देश है।

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