नगर निकाय चुनाव में पार्षद पद के उम्मीदवारों को ईद के जरिए मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के वोटरों को साधने का एक और अच्छा मौका मिल गया है। शुक्रवार की देर शाम चांद का दीदार होते ही मुबारकबाद का दौर शुरू हो गया, जिसमें कई उम्मीदवार भी आगे दिखे।
देर रात तक बाजारों से लेकर वार्ड के हर मुस्लिम परिवारों की चौखट पर दस्तक देने का सिलसिला जारी रहा। ईद के दिन यानी शनिवार को दिन भर दावतों का दौर जारी रहे, इसके लिए भी विशेष इंतजाम किए गए। तरह-तरह के पकवान बनाए गए और सभी को न्योता बांटा जाता रहा।
शहर के मियां बाजार, नखास, घंटाघर, चक्सा हुसैन, पुराना गोरखपुर, रसूलपुर, जाफरा बाजार, शहमारूफ, घोषीपुरवा, छोटे काजीपुर, ऊंचवा, तिवारीपुर, निजामपुर, चिलमापुर, तुर्कमानपुर समेत कई मोहल्लों में मुस्लिम वोटरों की संख्या अधिक है। समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस ने ऐसे मुस्लिम बहुल इलाकों से सबसे ज्यादा मुस्लिम नेताओं को उम्मीदवार बनाया है। इनमें भी सपा सबसे आगे है।
आदर्श आचार संहिता लागू होने की वजह से आमतौर पर बड़ी दावतों आदि से प्रत्याशी बचते हैं। मगर, ईद के त्योहार पर अपनों के घरों पर जाकर गले मिलना, मुबारकबाद देना और दावतों में शामिल होने की पुरानी परंपरा है। ऐसे में निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों के सामने भी सभी की निगरानी कर पाना चुनौती है।