मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बुधवार को परीक्षा दे रहे कुछ छात्रों के पत्र से हंगामा खड़ा हो गया। छात्रों ने सुबह यह लिखकर दे दिया कि जिस प्रश्नपत्र की परीक्षा हो रही है, उसकी कक्षाएं नहीं चलीं। इसके चलते उन्हें प्रश्नपत्र हल करने में परेशानी हुई। शाम को छात्र मुकर गए और उन्होंने लिखित में दे दिया कि उनसे पत्र कक्ष निरीक्षक ने लिखवाया था। कुलपति ने मामले की जांच के लिए रजिस्ट्रार के नेतृत्व में दो सदस्यीय कमेटी बनाई है।
बुधवार को विश्वविद्यालय में ऑर्ट ऑफ इंडिया विषय की परीक्षा आयोजित थी। यह परीक्षा नई शिक्षा नीति के तहत आयोजित थी, जिसे बीटेक छात्र को चार वर्ष की पढ़ाई के दौरान एक बार पास करना होता है। परीक्षा के दौरान कुछ छात्रों ने कुछ सवालों को लेकर चर्चा की कि उन्हें वह पढ़ाया नहीं गया है।
यह जानकारी जब कक्ष निरीक्षक को हुई तो उन्होंने यह शिकायत लिखित रूप से देने को कहा। कुछ छात्रों ने लिखित शिकायती पत्र दे भी दिया। मामले की जानकारी जब विश्वविद्यालय प्रशासन को हुई तो उन्होंने लिखित शिकायत करने वाले छात्रों से पूछताछ की।
छात्रों ने कहा कि शिकायती पत्र कक्ष निरीक्षक ने कागज देकर लिखवाया है। कुलपति ने इसके लिए रजिस्ट्रार व व्यवसाय प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष की दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि कुछ छात्रों ने सुबह यह लिखकर दिया कि परीक्षा में आए सवाल उन्हें पढ़ाए ही नहीं गए। शाम को उन्होंने लिखकर दे दिया कि सुबह जो शिकायती पत्र उन्होंने लिखा था, उसे कक्ष निरीक्षक ने लिखवाया था। जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।