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संपत्ति कर पर राहत: 2 साल का माफ...अब 2 वर्षों का ही देना होगा बढ़ा कर- गोरखपुर में सिर्फ इन्हें मिलेगा लाभ

Wed, 12 Feb 2025 11:12 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो

सार

गोरखपुर नगर निगम के तहत आने वाले वार्ड में संपत्ति कर लगाए जाने को लेकर फैसला हुआ है। इसके तहत उन्हें अब वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 का बढ़ा हुआ टैक्स देना पड़ेगा। वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 का बढ़ा टैक्स नहीं लगेगा। यदि इसमें किसी ने बढ़ा टैक्स जमा किया है, तो उसको समायोजित किया जाएगा।
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कार्यकारिणी बैठक में मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, एमसी गौरव सोगरवाल, सीई संजय सिंह चौहान व अन्य - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शहरवासियों को दो साल के बढ़े हुए संपत्ति कर से राहत मिलने की उम्मीद है। उन्हें केवल वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 का बढ़ा हुआ टैक्स देना पड़ेगा। वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 का बढ़ा टैक्स नहीं लगेगा। यदि इसमें किसी ने बढ़ा टैक्स जमा किया है, तो उसको समायोजित किया जाएगा।
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इसके लिए कार्यकारिणी समिति ने मंजूरी दे दी है। अब निगम शासन को पत्र लिखकर इसमें मार्गदर्शन लेगा। नगर निगम कार्यकारिणी समिति की सातवीं बैठक मंगलवार को मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। सपा के सदस्यों ने बढ़े टैक्स के मुद्दे पर बैठक का बहिष्कार किया।

बैठक में पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने जीआईएस का मुद्दा उठाया। इस पर कार्यकारिणी ने फैसला लिया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 में रिवाइज टैक्स जमा करने वालों को राहत दी जाएगी। इस बाबत शासन को पत्र भेजकर गाइड लाइन ली जाएगी। शासन से राहत मिलती है तो जमा हुई अतिरिक्त रकम को आगामी बिल में समायोजित किया जाएगा।
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कार्यकारिणी बैठक में मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव व अन्य - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पार्षद पवन त्रिपाठी ने कहा कि बढ़े हुए कर पर आपत्ति के प्रोफाॅर्मा को सार्वजनिक किया जाए, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। बैठक में नगर निगम की तरफ से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1281.88 करोड़ रुपये के आय और 910.93 करोड़ रुपये के व्यय के बजट को मंजूरी दे दी। इस दौरान नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, उपसभापति धर्मदेव चौहान, अजय ओझा, रवींद्र सिंह, अजय राय आदि उपस्थित रहे।

डिजिटल पेमेंट पर 15 फीसदी तक छूट देने का निर्णय
कार्यकारिणी ने टैक्स के साथ दुकानों का किराया बढ़ाने से आय में बढ़ोतरी को लेकर चर्चा की। संपत्ति कर वसूली में तेजी के लिए निगम कार्यकारिणी ने डिजिटल पेमेंट पर 15 फीसदी तक छूट देने का निर्णय लिया है। निर्णय लिया गया कि पहली अप्रैल से 30 जून तक ऑनलाइन पेमेंट करने पर 15 प्रतिशत और अन्य माध्यम से भुगतान पर 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

वहीं, पहली जुलाई से 31 अगस्त तक ऑनलाइन पेमेंट पर 12 प्रतिशत और अन्य माध्यम से भुगतान पर आठ प्रतिशत की छूट देने की संस्तुति हुई।

नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धुलाई सेंटर और आरओ प्लांट संचालकों का होगा पंजीकरण
शहर में धुलाई सेंटर और आरओ प्लांट संचालकों से पंजीकरण शुल्क के साथ राजस्व शुल्क लिए जाने की स्वीकृति कार्यकारिणी ने दे दी, ताकि भू-जल का संरक्षण किया जा सके। इस प्रस्ताव को सदन की बैठक में भी रखा जाएगा। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय ने कहा कि धुलाई सेंटर और आरओ प्लांट संचालक काफी ज्यादा मात्रा में पानी का दोहन करते हैं।

बदले में सरकार को कुछ नहीं देते। बैठक में पार्षद वरीयता को 50 लाख से बढ़ाकर 55 लाख रुपये करने पर सहमति बनी। इस रकम में से 50 फीसदी निर्माण कार्यों पर और 25 फीसदी जलकल के साथ पथ प्रकाश पर खर्च किया जा सकता है।

कार्यकारिणी ने निगम में कार्यरत और सेवानिवृत कर्मचारियों को हाउस टैक्स और सीवर टैक्स से राहत के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। कार्यकारिणी में निर्णय लिया गया कि नगर निगम के आवास में रह रहे लोगों का किराया बढ़ाया जाएगा। इसके लिए किराया रिवाइज किया जाएगा।
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सपा पार्षदों ने जताई नाराजगी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रमाण पत्र के लिए एसडीएम कार्यालय के दो कर्मचारियों को वेतन नहीं देगा निगम
जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लंबित मामलों को लेकर नगर निगम ने पूर्व में एसडीएम दफ्तर के दो कर्मचारियों को निगम से वेतन देने का निर्णय लिया था। सदस्यों की तरफ से बैठक में कहा गया कि इन कर्मचारियों के बाद भी लंबित मामलों में कोई कमी नहीं दिख रही है। इसके बाद कार्यकारिणी ने दोनों कर्मचारियों के नगर निगम से वेतन पर रोक लगाने की संस्तुति की।

सपा सदस्य बोले- नहीं हो रही सुनवाई
कार्यकारिणी की बैठक का समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने बहिष्कार किया। जीआईएस सर्वे में मनमाने टैक्स को लेकर कार्यकारिणी सदस्य जुबेर अहमद और रमेश यादव ने पार्टी के निर्णय के आधार पर बहिष्कार किया। सपा पार्षद दल के नेता अशोक यादव ने बताया कि कार्यकारिणी सदस्यों की सुनवाई नहीं हो रही है।

दो से तीन अधिकारी पूरे नगर निगम को मनमर्जी चला रहे हैं। मेयर की भूमिका भी शून्य दिख रही है। ऐसे में सपा के पास बहिष्कार से सिवा कोई विकल्प नहीं बचा है। सदस्य जुबेर अहमद ने कहा कि जनता बढ़े हुए टैक्स से परेशान है। यदि कोई शिकायत भी कर रहा तो उसकी संपत्ति को नाप और बढ़ा दे रहे हैं। कार्यकारिणी में भी बात नहीं सुनी जा रही है।
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