महराजगंज के घुघली थाना क्षेत्र में लोन फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है। हरखी गांव निवासी पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने अपने ही रिश्तेदार बाप-बेटी समेत 14 लोगों पर उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर छह बैंकों से करीब 1.37 करोड़ रुपये का फर्जी पर्सनल लोन लेने का आरोप लगाया है।
घुघली थाना क्षेत्र के हरखी गांव निवासी पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने अपने रिश्तेदार महिला समेत कई लोगों पर उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर छह बैंकों से करीब 1.37 करोड़ रुपये का फर्जी पर्सनल लोन कराने का आरोप लगाया है। घुघली पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दिए तहरीर में डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि नवंबर 2025 में उनकी रिश्तेदार गरिमा सिंह ने फोन कर पूछा था कि उनका कोई लोन चल रहा है या नहीं। उन्होंने कार लोन चलने की जानकारी दी। आरोप है कि गरिमा ने खुद को फाइनेंस कंपनी से जुड़ा बताते हुए कार लोन बंद कराने के लिए नया पर्सनल लोन कराने की बात कहीं। इसके लिए उनके पिता ध्रुव नारायण सिंह ने भी गारंटी दी।
इसके बाद गरिमा के कहने पर पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक स्टेटमेंट समेत अन्य दस्तावेज विशाल यादव नामक व्यक्ति को व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिए। आरोप है कि इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर एक लोन के बजाय छह अलग-अलग बैंकों से उनके नाम पर पर्सनल लोन स्वीकृत करा दिए गए।
शिकायत के अनुसार चोलामंडलम से 19.41 लाख, बंधन बैंक से 23.64 लाख, यस बैंक से 24.51 लाख, आईसीआईसीआई बैंक से 19.89 लाख, एक्सिस बैंक से 27.02 लाख और एचडीएफसी बैंक से 22.92 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया गया। यह कुल राशि करीब 1.37 करोड़ रुपये है।
डॉ. दिलीप सिंह का आरोप है कि गरिमा सिंह ने रकम वापस करते हुए छह माह के भीतर सभी लोन बंद कराने का आश्वासन दिया। कुछ समय तक ईएमआई भी जमा की गई लेकिन अप्रैल 2026 के बाद भुगतान बंद कर दिया गया।
इस बाबत घुघली थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह की तहरीर पर आरोपी गरिमा सिंह, ध्रुव नारायण सिंह निवासी ग्राम महादेव झारखंडी पंप नहर गोरखपुर, विशाल यादव निवासी रुलोनस डिस्ट्रिब्यूशन प्राइवेट लिमिटेड गोरखपुर, साधना मल्ल, मोहन सिंह, दिनकर मणि त्रिपाठी, भानु प्रताप सिंह और गोरखपुर स्थित बंधन बैंक, चोला मंडल बैंक, यस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक के अधिकारी और कर्मचारी नाम पता अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।