मोहद्दीपुर के 60 वर्षीय बुजुर्ग शिवशंकर एक महीने से बिस्तर पर पड़े हैं, इसके पीछे की वजह डिवाइडर है। उन्हें उनके घर के सामने स्थित दुकान से सामान खरीदना था। घर के पास कट नहीं होने पर उन्होंने डिवाइडर फांदकर सड़क पार करने की सोची। जैसे ही वह डिवाइडर पार करने लगे, कुनराघाट की ओर से आ रही तेज रफ्तार गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी।
रामगढ़ताल रिंग रोड बन जाने से जहां लोगों को जाम से राहत मिली है, वहीं मोहद्दीपुर की दो प्रमुख समस्याओं, सड़क किनारे लगे गर्डर और डिवाइडर अब भी आफत बने हुए हैं। गर्डर की वजह से जहां आए दिन हादसे हो रहे हैं, वहीं लंबे डिवाइडर की वजह से लोगों को लंबा घूमकर दूसरी तरफ जाना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोग कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। नहर रोड से मोहद्दीपुर चौराहे तक लगे दो से तीन फीट ऊंचे लोहे के गर्डर हादसे की वजह बन रहे हैं। इससे टकराकर आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। गर्डर के कारण गाड़ियां सड़कों पर ही खड़ी होती हैं।
इससे सड़क भी सिकुड़ गई है, अक्सर जाम लग जाता है, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि ये गर्डर तब लगाए थे, जब फोरलेन बनाया जा रहा था। बाद में इन्हें हटाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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मोहद्दीपुर में रोड के किनारे गर्डर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुनराघाट से शुरू हो रहे गर्डर
कुनराघाट तिराहे से आगे लाेहे के गर्डर लगे हैं। जैसे ही मोहद्दीपुर स्थित नहर रोड से आगे बढ़ेंगे, गर्डर बढ़ते गए हैं। कहीं-कहीं तो पांच मीटर की दूरी पर ही गर्डर लगे हैं। गोपाल मंदिर, ओरियन मॉल के सामने सड़क की दूसरी तरफ और पेट्रोल पंप के समीप ये गर्डर सड़क से बिल्कुल सटे हैं।
कहीं-कहीं गाड़ियों के टकराने से ये गर्डर मुड़ गए हैं। गाड़ियों से जाम की भी समस्या होती है। स्थानीय दुकानदार महेश ने बताया कि गर्डर से टकराने से कई लोग चोटिल हो चुके हैं। वहीं, ग्राहकों को गाड़ी खड़ी करने में दिक्कत होती है। ज्यादातर लोग सड़क पर ही गाड़ी खड़ी कर देते है, इससे दुकानदारी भी प्रभावित होती है। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
चौराहे से एक किलोमीटर तक कोई कट नहीं
स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां की दूसरी बड़ी समस्या डिवाइडर में कट नहीं होना है। मोहद्दीपुर चौराहे से एक किमी तक सड़क के डिवाइडर के बीच कोई भी कट नहीं है। इससे सिर्फ सड़क पार करने के लिए लोगों को आधा किमी तक चक्कर लगाना पड़ रहा है।
कट नहीं होना हादसे की भी वजह बन रहे हैं। मोहद्दीपुर के 60 वर्षीय बुजुर्ग शिवशंकर एक महीने से बिस्तर पर पड़े हैं, इसके पीछे की वजह डिवाइडर है। उन्हें उनके घर के सामने स्थित दुकान से सामान खरीदना था। घर के पास कट नहीं होने पर उन्होंने डिवाइडर फांदकर सड़क पार करने की सोची।
जैसे ही वह डिवाइडर पार करने लगे, कुनराघाट की ओर से आ रही तेज रफ्तार गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उनके हाथ और पैर दोनों ही टूट गए। रोजी-रोटी के लिए वह ऑटो चलाते थे। इलाज के लिए उन्हें अपना ऑटो भी बेचना पड़ा। यहां रहने वाले संतोष ने बताया कि लगातार मांग के बाद गुरुद्वारे के पास कट बनाया गया, लेकिन यह सिर्फ रात में ही खोला जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को कोई फायदा नहीं मिला।
छह साल पहले मोहद्दीपुर रोड को जब फोरलेन बनाया जा रहा था, उसी समय गर्डर लगाए गए थे। गर्डर दिन में तो दिखाई देते हैं, लेकिन रात के समय यह राहगीरों को नहीं दिखता। इससे हादसे होते हैं। इसे हटाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई: दिलीप निषाद
बच्चों को हर दिन स्कूल छोड़ने जाती हूंं। पहले सड़क पर कट थे, जिससे आसानी से सड़क पार कर बच्चों को स्कूल पहुंचा देती थी। लेकिन, अब कट बंद कर दिए गए हैं। इससे करीब आधा किमी उल्टा जाना पड़ता है। इससे बच्चों को दिक्कत होती है। मोहद्दीपुर से नहर रोड तक कम से कम दो जगह कट बनाया जाना चाहिए:शक्ति देवी
मोहद्दीपुर चौराहे से एचपी पेट्रोल पंप तक कोई कट नहीं है। काफी दूर जहां कट बना है, वहां जाम लगता है। प्रशासन से मांग के बाद एक कट बनाया गया, लेकिन उसे भी दिन में बंद कर दिया जाता है। इससे इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पाता है। प्रशासन को लोगों की सहूलियत के लिए कट खोल देना चाहिए:संतोष नंद आर्या
सड़क किनारे जो गर्डर लगे हैं, तब वे लोगों की सहूलियत के लिए लगाए गए थे, ताकि कोई वाहन गड्ढे में न गिरे। अब यह लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। लोग सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे दुकानदारों को दिक्कत होती है। वहीं यह एंगल हादसों की भी वजह बन रहे हैं:मनोज निषाद