रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर ढाला के पास शुक्रवार की शाम पुलिस ने एक कैफे में छापा मारा। वहां पर हुक्का बार संचालित हो रहा था। संचालक के पास लाइसेंस भी नहीं था। पुलिस ने हुक्का व फ्लेवर को जब्त कर संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। पूछताछ में संचालक ने बताया कि कैफे नहीं चल रहा था इसलिए वह हुक्का बार संचालित करने लगा।
मौके से पांच हुक्का, एक टूटा हुआ हुक्का, एक चिलम चालू हालत में, दो फ्लेवर जेल भरे हुए और फ्लेवर का बंद डिब्बा मिला। पुलिस ने एक चिमटा व तंबाकू फ्लेवर के इस्तेमाल किए हुए आठ डिब्बे भी बरामद किए। मौके से आरोपी संचालक को गिरफ्तार कर बाद में छोड़ दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, दरोगा राजवंश सिंह टीम के साथ देवरिया बाईपास के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर रुस्तमपुर ढाला के पास हाईकोर्ट कैफे में पहुंचे। सूचना मिली थी कि वहां पर रेस्टोरेंट के नाम पर अवैध रूप से हुक्का बार संचालित हो रहा है जहां पर कम उम्र के लड़के व लड़कियों को बुलाकर उन्हें नशे का आदी बनाया जा रहा है।
इसके लिए एक व्यक्ति से 800 से 1000 रुपये तक लिए जाते हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रथम तल पर बने कमरे दो व्यक्ति मौजूद मिले। वह पुलिस को देखकर भागने लगे लेकिन पकड़े गए। पहले ने अपना नाम आशीष सिंह निवासी थाना जीरादेई जनपद सिवान बिहार बताया। आशीष ने पुलिस को बताया कि वह हुक्का बार चलाता है।
पहले यहां पर कैफे खोला था मगर उसमें मुनाफा न होने पर यह काम शुरू किया। पकड़ा गया दूसरा व्यक्ति हुक्का पीने आया था। पुलिस ने आशीष से लाइसेंस मांगा तो वह दिखाने में असमर्थ रहा। मौके पर केबिन के अंदर फर्श पर अलग-अलग रंग व साइज के हुक्के रखे थे। एक चिलम में आग जल रही थी।
कमरे के अंदर सोफा लगा हुआ था जिसपर अलग-अलग फ्लेवर के डिब्बे रखे थे। सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत पुलिस ने केस दर्ज कर संचालक आशीष को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे मुचलके पर छोड़ दिया गया।