बड़हलगंज-दोहरीघाट सरयू पुल से शनिवार को नदी में कूदे 45 वर्षीय मानसिक मंदित को मुक्तिपथ पर मौजूद नाविकों ने जान बचा लिया। पुलिस ने प्राथमिक उपचार के बाद जब उसके बारे में पूछताछ की तो वह अपने बारे में कुछ बता नहीं सका। युवक की जान बचाने वाले बहादुर नाविकों को मुक्तिपथ व्यवस्थापक महेश उमर ने नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
थानाप्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि शनिवार करीब दो बजे बड़हलगंज दोहरीघाट पुल के पास टहल रहे युवक ने अचानक सरजू नदी में छलांग लगा दी। यह देख लोगों ने शोर मचाया। इस दौरान मुक्तिपथ पर मौजूद नाविक निर्भय साहनी अपने भाई नागेंद्र साहनी के साथ स्टीमर लेकर पहुंचे। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला जा सका।
मौके पर पहुंच पुलिस युवक का प्राथमिक उपचार कराकर पूछताछ शुरू की, लेकिन वह कुछ बता नहीं सका। थाना प्रभारी के अनुसार, युवक मानसिक मंदित है। आस-पास के लोगों की मदद से युवक के पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
इधर, डूबते युवक को बचाने वाले बहादुर नाविकों को मुक्तिपथ व्यवस्थापक महेश उमर ने नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। इन दोनों नाविकों ने 24 से अधिक डूबते हुए लोगों को अब तक बचाया है।