चुनाव के दिन छुट्टी होती है। अक्सर कामकाजी महिलाएं अवकाश मनाने के मूड में होती हैं। मतदान करने नहीं जाती हैं। वे वोट की कीमत को समझें, खुद मतदान करें और दूसरों को भी प्रेरित करें। चुनाव को उत्सव की तरह मनाएं। यह कहना है शहर की बुद्धिजीवी महिलाओं का। महिलाओं ने रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन के विमर्श कार्यक्रम में ‘चुनाव में महिलाओं की भूमिका’ विषय पर अपने विचार रखे।
पहले मतदान करें, फिर घर का कामकाज निपटाएं। यह हर महिला का कर्तव्य है। अपने आसपास की महिलाओं को भी मतदान के लिए प्रेरित करें। हमने तीन महिलाओं का वोटर आईडी कार्ड बनवाया है। वे अब मतदान करेंगी।
-अपर्णा गुप्ता, अंबेश्वरी अपार्टमेंट।
लोकतंत्र में मतदान एक सशक्त हथियार है। इसलिए खुद मतदान करें और दूसरों को भी जागरूक करें। चुनाव में खोखले वादे खूब किए जा रहे हैं, लेकिन अपनी स्तर पर परखने की जरूरत है। सोच-समझकर कर ही मतदान करें।
-सुप्रिया सिन्हा, महादेवपुरम राप्तीनगर।
मतदान को हमें उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। सरकार चुनने में महिलाएं अहम रोल निभाती हैं। यह सोचकर मतदान करने जाएं। मेरी समझ से महिला सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है, मतदान के समय इसे मुद्दे को ध्यान में रखना होगा।
-सुमन श्रीवास्तव, सदस्य स्नेहिल नारी संस्थान।
वोट के महत्व को समझने की जरूरत है। हम त्योहार की तैयारी बहुत पहले से करते हैं। पांच वर्ष में एक बार चुनाव होता है, इस उत्सव की भी तैयारी करें। लोगों को मतदान के लिए जागरूक करें। अपने मताधिकार को समझें।
-डॉ. चारुशीला सिंह, शिक्षिका एवं कवयित्री।
चुनावी वादों को अपने नजरिए से परखें, फिर मतदान करें। एक महिला पूरे परिवार को मतदान के लिए प्रेरित कर सकती है। घरों में काम करने वाली महिलाओं को भी मतदान के लिए प्रेरित करें। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मतदान जरूरी है।
-श्वेता सिंह, शिक्षाविद्।
महिलाओं को एक-एक वोट की कीमत को समझने की जरूरत है। पहले मतदान फिर जलपान के फार्मूले को हर घर में लागू करना होगा। तभी महिलाएं अपने एजेंडे के मुताबिक सरकार चुन पाएंगी। आधी आबादी मजबूत सरकार बनाए।
-नेहा श्रीवास्तव, दाउदपुर।
मेरा मानना है कि रोजगार, सुरक्षा और शिक्षा प्रमुुख मुद्दा होना चाहिए। मतदान के समय महिलाएं इस पर जरूर ध्यान दें। चुनाव के दिन अवकाश होता है। जो कामकाजी महिलाएं मतदान करने नहीं जाती हैं। वे भी मतदान जरूर करें।
-निक्की रानी, निदेशक मनीषा संगीत महाविद्यालय।
मतदान को अनिवार्य कर देना चाहिए। जब शत-प्रतिशत मतदान होगा तभी अच्छी सरकार बनेगी। मतदान करने में अब महिलाएं घरों से निकल रही हैं। लेकिन, इस संख्या को बढ़ाने के लिए मतदान के प्रति जागरुकता ही एक उपाय है।
-मनीषा सिंह, सदस्य इनरव्हील क्लब।