गोरखपुर। विरासत गलियारे की ओर से अगर आ-जा रहे हैं तो संभलकर जाएं, खतरे जगह-जगह आपकी राह में मुश्किल पैदा कर सकते हैं। हादसा भी हो सकता है। विरासत गलियारा निर्माण कार्य के बीच सुरक्षा इंतजामों की काफी कमी सामने आ रही है।
नखास चौक से अलीनगर और बक्शीपुर तक कई स्थानों पर खुले गड्ढे, जलभराव और बिना बैरिकेडिंग के चल रहे निर्माण कार्य आम लोगों के लिए हादसों का कारण बनते जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को एक युवती के गड्ढे में गिरने की घटना के बाद भी हालात में खास सुधार नहीं दिख रहा है।
शुक्रवार को दोपहर लगभग 1:30 बजे नखास चौक के पास खुले नाले में पानी भरा हुआ था, जिसे पार कर लोग और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे थे। स्कूल छुट्टी के बाद बच्चों को इसी खतरनाक रास्ते से गुजरते देखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी की लापरवाही से यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
अलीनगर क्षेत्र में जहां युवती गड्ढे में गिरी थी, वहां गड्ढे को भर दिया गया, उसके बाद वहां कीचड़ की स्थिति बन गई है। इसके अलावा पास ही एक और गड्ढे में पानी भरा हुआ दिखा, जो किसी नए हादसे को न्योता दे रहा है। बक्शीपुर चौराहे से अलीनगर जाने वाले मार्ग पर भी नाला निर्माण के दौरान कहीं भी बैरिकेडिंग नहीं की गई है, जिससे राहगीरों को मजबूरन किनारे से गुजरना पड़ रहा था।
आर्य समाज मंदिर, बक्शीपुर के पास नाले पर स्लैब डालने का काम अधूरा है। वहीं थवई स्कूल के सामने निर्माण कार्य के चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर 1:50 बजे यहां एक ट्रैक्टर गड्ढे में फंस गया, जिसे बड़ी मुश्किल से गया। पास ही एक और गड्ढा बना हुआ है, जिसे पानी से खाली तो कर दिया गया है लेकिन भरा नहीं गया।
स्थानीय निवासी मंगलदीप ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे दुकान बंद होने के दौरान एक युवती अचानक करीब छह फीट गहरे गड्ढे में गिर गई। सिर्फ उसके बाल दिखाई दे रहे थे। तुरंत गड्ढे में कूदकर उसे बाहर निकाला गया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, आशीष जैन ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसे लापरवाही बताया। फिरोज अहमद ने बताया कि घायल युवती को लोगों ने कंधे पर उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिना सुरक्षा मानकों के किए जा रहे निर्माण कार्य से आमजन की जान खतरे में है।