गोरखपुर में जन्म पूर्व नवजात की गलत रिपोर्ट देने के मामले में चार डायग्नोस्टिक सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन सील किए जाने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आ गया है। बृहस्पतिवार को पदाधिकारियों ने कमिश्नर जयंत नार्लिकर से मुलाकत कर सील हुए अल्ट्रासाउंड मशीन को खोलने व धारा 420 हटाने की मांग की।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव व सचिव डॉ. वीएन अग्रवाल के नेतृत्व में लगभग 70 डॉक्टर कमिश्नर आवास पर जाकर कमिश्नर से मुलाकात की। पदाधिकारियों ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि इसमें डॉक्टरों का कोई दोष नहीं है। रिपोर्ट भी गलत नहीं है। चार सेंटर पर जांच हुई और सभी की रिपोर्ट एक जैसी आई। चार लोग गलत कैसे हो सकते हैं? दूसरी बात, डॉक्टरों ने इस मामले में कोई जालसाजी नहीं की, इसलिए उनके ऊपर दर्ज धारा 420 हटनी चाहिए।
सचिव डॉ. वीएन अग्रवाल ने कहा कि 99 फीसद लोगों की रिपोर्ट सही आई है। एक रिपोर्ट गलत आने पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। अन्यथा लोग जांच बंद कर देंगे। उन्होंने इसकी नए सिरे से जांच की मांग की।
कहा कि इसके लिए एक नया मेडिकल बोर्ड गठित किया जाए जिसमें मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भी शामिल किए जाएं। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर इसकी पुन: जांच की जाए। यदि डॉक्टर दोषी पाए जाते हैं तो यह उपभोक्ता फोरम का मामला है। इस मामले में धारा 420 लगाना न्यायसंगत नहीं है।
इस अवसर पर डॉ. आरपी त्रिपाठी, डॉ. डीके सिंह, डॉ. शिवशंकर शाही, डॉ. वाई सिंह, डॉ. जेपी जायसवाल, डॉ. आरपी शुक्ला, डॉ. स्मिता जायसवाल, डॉ. अरुणा छापड़िया व डॉ. मधु गुलाटी आदि मौजूद रहे।