प्रदीप सिंह पर 54 मुकदमे दर्ज हैं। लूट और हत्या का पहला मुकदमा गोला, फिर उसी थाने में गैंगस्टर, बेलीपार में हत्या की कोशिश, राजघाट में आर्म्स एक्ट और हत्या, गुलरिहा में हत्या की कोशिश, कैंट में चार मुकदमे हत्या, डकैती, हत्या की कोशिश, सहजनवां थाने में लूट, हत्या, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट, धमकी देने सहित दस मुकदमे, शाहपुर में हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश, कोतवाली में हत्या की कोशिश, हत्या, गैंगस्टर, धमकी समेत 11 मुकदमे, तिवारीपुर, खलीलाबाद, दुधरा बस्ती, बखिरा, मेहदावल, उसका बाजार, गोरखनाथ में भी केस दर्ज हैं।
ब्लॉक प्रमुख की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था प्रदीप
प्रदीप सिंह वर्ष 1996 में पिपरौली के तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था। जिला परिषद कार्यालय के गेट पर दिनदहाड़े हत्या करने के बाद प्रदीप उनके गनर की स्टेनगन लूटकर फरार हो गया था। उस समय के कुख्यात बदमाश परवेज टांडा के साथ मिलकर प्रदीप सिंह ने इस घटना को अंजाम दिया था। बाद में परवेज टांडा ने नेपाल में अपना ठिकाना बना लिया था। नेपाल में ही उसकी हत्या हो गई थी।