सुमेर सागर ताल की जमीन पर किए अवैध अतिक्रमण पर रविवार को भी प्रशासन का बुलडोजर चला। इस दौरान अधिकांश अस्थायी निर्माण ध्वस्त किए गए। स्थायी निर्माण के खिलाफ भी जल्द ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी। जिला प्रशासन ने शनिवार से सुमेर सागर ताल की जमीन से अवैध कब्जे हटाने का अभियान शुरू किया था। दूसरे दिन रविवार को भी यह अभियान चला।
हाईकोर्ट ने भी अवैध रूप से मकान बनाकर रहने वाले से सुमेर सागर ताल की जमीन को मुक्त कराने का निर्देश दिया है। दरअसल नजूल की जमीन होने के बावजूद अभिलेखों में हेराफेरी करके यहां जमीन की खूब-खरीद बिक्री हुई है। भूमाफियाओं ने ताल की जमीन को मिट्टी डालकर पाट दिया और मंहगे दामों में लोगों को बेच दिया।
जमीन खरीदने के बाद लोगों ने बड़ी संख्या में यहां लोगों ने मकान भी बना लिए। इनमें कई शहर के रसूखदार भी हैं। कब्जा मुक्त कराने के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल, सदर तहसीलदार डॉक्टर संजीव दीक्षित, नायब तहसीलदार पिपराइच सुमित सिंह, एसडीएम प्रशासन के साथ कानूनगो लेखपाल अमीन तथा पुलिस बल पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहे।