रामगोपाल के सब्जी के ठेले पर उनकी पढ़ाई-लिखाई और आईआईटीयन दिमाग का असर साफ दिखता है। उनके ठेले पर बेमौसमी सब्जियों का वह स्टॉक मिल जाएगा, जो शहरों में ही दिखता है। यही वजह है कि उनके पास जो भी आता है उसे मौसम से हटकर मनपसंद सारी सब्जियां मिल जातीं हैं। जितनी सब्जियां वे चौरीचौरा से लाते हैं शाम तक अमूमन सब बिक जाती हैं। रामगोपाल के ठेले पर बैगनी रंग की पत्ता गोभी, अरवी, गोभी, शिमला मिर्च, सहजन आदि सब्जियां भी हैं जो गांवों और कस्बों में खूब पसंद की जा रहीं हैं।
स्कॉलरशिप से निकलता है पढ़ाई का खर्च
बकौल रामगोपाल, एमटेक की पढ़ाई के दौरान 12400 रुपये स्कॉलरशिप भी मिलती है। इससे पढ़ाई का खर्च पूरा हो जाता है। किताब व कॉपी के साथ पढ़ाई की दूसरी जरूरतें पूरी हो जाती हैं।
एक छोटा भाई व दो बहनें हैं
रामगोपाल का एक छोटा भाई किशन है। दो बहनें पूजा व अनीता। पूजा की शादी हो चुकी है। मां गुड्डी देवी गृहिणी हैं। अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी रामगोपाल के कंधों पर ही है।
बचपन से होनहार रहे हैं रामगोपाल
रामगोपाल बचपन से होनहार छात्र रहे हैं। उन्होंने लल्लन द्विवेदी इंटर कॉलेज ब्रह्मपुर से कक्षा 10 वीं की पढ़ाई की है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में उन्हें 83.16 प्रतिशत अंक मिले थे। 12 वीं की पढ़ाई एमजी इंटर कॉलेज से की। इसमें 77.6 प्रतिशत अंक हासिल किए।
कृषि वैज्ञानिक बनने की है तमन्ना
रामगोपाल कहते हैं कि अभी तो पढ़ाई चल रही है, लेकिन मैं कृषि वैज्ञानिक बनना चाहता हूं। पूर्वांचल में कृषि पर शोध करने की इच्छा है। इसीलिए एग्रीकल्चर ट्रेड चुना है। अभी आईआईटी खड़गपुर से एमटेक सेकेंड ईयर का छात्र हूं। आंध्र प्रदेश एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से बीटेक किया है।