वह खुद डॉक्टर थे और दोस्त से मिलने आए थे, तभी सीने में दर्द हुआ और जान चली गई, तो डीएवी कॉलेज की छात्रा बैडमिंटन खेलते समय गिरी और अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी जान चली गई। यह महज एक उदाहरण ये समझाने के लिए युवाओं का दिल बीमार हो चुका है।
डॉक्टर कहते हैं, अगर स्मोकिंग करते हैं, शराब पीते हैं या फिर खेल, व्यायाम करते हैं तो आप को सजग रहने की जरूरत हैं। अपने दिल की जांच करा लें, ताकि यह धोखा न दे जाए। अभी ताजा मामला बहराइच में सामने आया है। गोरखपुर के एकला के रहने वाले सिपाही शिवरतन मौर्या (36) कुर्सी से उठे और गिरे फिर जान चली गई। इनकी मौत भी हार्ट अटैक से हुई है।
डॉक्टर बताते हैं, इसकी वजह हाइपर ट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी हो सकती है। युवावस्था में हृदय रोग नहीं होता, हर दर्द एसिडिटी की वजह से हो रहा है, अब इस तरह की भ्रांतियों से बाहर निकलें। इस तरह की सोच की वजह से ही लोग शुरुआती लक्षणों की अनदेखी करते हैं और फिर अचानक हार्ट अटैक से उनकी जान चली जाती है। इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
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दूसरा सीने में होने वाला हर दर्द गैस नहीं होता है। अक्सर लोग पहले लक्ष्मण को ऐसे ही टाल देते हैं और गंभीर परिणाम सामने आता है। स्पोर्ट्स या फिर ज्यादा व्यायाम के समय ही होता है, जिससे अचानक जान चली जाती है। इसके लिए सजग रहने की जरूरत है, क्योंकि इस तरह के केस में परिवार की हिस्ट्री बहुत जरूरी है। जिसके घर में भी कोई हृदय रोगी रहा हो, उसे नियमित जांच करानी ही चाहिए।